UP Assembly Session : उत्तर प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र 2025 बड़े व्यवस्थित तरीके से शुरू हुआ। दूसरे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 का अनुपूरक बजट सदन में पेश किया। बजट दोपहर 12:20 बजे पेश किया गया और इसके बाद राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर विशेष चर्चा आयोजित की गई।
सत्र के पहले दिन दिवंगत विधायक सुधाकर सिंह को श्रद्धांजलि दी गई। सोमवार को सदन में कोडीन कफ सिरप मामले को लेकर विपक्ष ने हंगामा भी किया। इसके बावजूद सरकार ने कार्यवाही को सुचारू रखा और अनुपूरक बजट पर चर्चा को प्राथमिकता दी। अनुपूरक बजट पेश करने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक आयोजित हुई। बैठक में बजट के सभी प्रावधानों को औपचारिक रूप से मंजूरी दी गई। और फिर यह बजट विधानसभा में पेश किया गया। इस बजट में स्वास्थ्य, शिक्षा, औद्योगिक विकास और अन्य योजनाओं के लिए धन आवंटन शामिल है।
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के जरिए विधानसभा में 24,496.98 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया। यह राज्य के मूल बजट 8.08 लाख करोड़ रुपये का लगभग 3.03 प्रतिशत है। इस बजट का उद्देश्य नई योजनाओं और चल रही परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान करना है। प्रस्तावित बजट में राजस्व व्यय के लिए 18,369.30 करोड़ और पूंजीगत व्यय के लिए 6,127.68 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो राज्य के विकास और बुनियादी ढांचे में निवेश की प्रतिबद्धता को दिखाएगा।
औद्योगिक और ऊर्जा क्षेत्र पर फोकस
योगी सरकार ने इस अनुपूरक बजट में औद्योगिक विकास और ऊर्जा क्षेत्र को प्रमुखता दी है। क्योंकि यूपी सरकार नए उद्योगों को आकर्षित कर औद्योगिक विकास को बढ़ावा दे रही है। अनुपूरक बजट में उद्योगों को मिलने वाली सब्सिडी के लिए अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान किया गया है।
यह कदम निवेश और रोजगार बढ़ाने के लिए आवश्यक माना गया है। जिसमें औद्योगिक विकास के लिए 4,874 करोड़ रुपये और ऊर्जा क्षेत्र के सुधार के लिए 4,521 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा, पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए NEDA को 500 करोड़ रुपये दिए गए हैं। यह बजट बताता है कि यूपी की डबल इंजन सरकार प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में काम कर रही है।
स्वास्थ्य, शिक्षा और जन कल्याण में निवेश
अनुपूरक बजट में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए 3,500 करोड़ रुपये, मेडिकल शिक्षा के लिए 423 करोड़ और तकनीकी शिक्षा के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए 639.96 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। नगर विकास के लिए 1,758.56 करोड़, महिला और बाल विकास के लिए 535 करोड़ और किसानों के हित में गन्ना और चीनी मिलों के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही, उत्तर प्रदेश का GSDP अब 31 लाख 914 करोड़ रुपये आंका गया है, जो इसे राजस्व सरप्लस स्टेट (Revenue Surplus State) बनाता है।
कैंसर उपचार में यूपी की बड़ी पहल
स्वास्थ्य मंत्री और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि प्रदेश के 248 अस्पतालों में कैंसर उपचार की सुविधा उपलब्ध है। इनमें 26 सरकारी और 222 निजी अस्पताल शामिल हैं। अब तक 1,09,450 मरीजों का इलाज कराया गया है। यह कदम आयुष्मान भारत और प्रदेश सरकार की योजनाओं के तहत गरीब मरीजों को राहत देने के लिए उठाया गया है। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाना और आम लोगों तक किफायती इलाज पहुंचाना है।
कोडीन कफ सिरप मामले पर हंगामा
संसद में समाजवादी पार्टी ने कोडीन कफ सिरप मामले पर चर्चा की मांग की। सपा विधायकों ने पोस्टर और दवा की बोतलें लेकर सदन में प्रवेश किया। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने सवाल उठाए। अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि पहले नोटिस नहीं दिया गया था, इसलिए चर्चा बाद में कराई जाएगी।
सीएम योगी ने विपक्ष को दिया तीखा जवाब
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कोडीन सिरप से कोई मौत नहीं हुई। जो मौतें हुईं, वे तमिलनाडु में बने सिरप के कारण हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े होलसेलरों को सपा सरकार के समय लाइसेंस दिए गए थे। उन्होंने विपक्ष पर तीखा कटाक्ष करते हुए इसे ‘चोर की दाढ़ी में तिनका’ बताया।
विदेश यात्रा और बबुआ पर सीएम योगी का तंज
सीएम ने कहा कि देश में दो तरह के नेता हैं, एक दिल्ली में और दूसरा लखनऊ में। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि कुछ नेता देश में महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने पर तुरंत विदेश चले जाते हैं। उनके ‘बबुआ’ भी जल्द इंग्लैंड यात्रा पर जाएंगे।
वंदे मातरम 150 वर्ष पर हुई विशेष चर्चा
अनुपूरक बजट पेश होने के बाद वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर सदन में चर्चा हुई। यह गीत भारत की राष्ट्रीय पहचान और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करता है। सदन में लगभग चार घंटे तक इस विषय पर विचार-विमर्श किया गया।
विपक्ष का वॉकआउट
सीएम के संबोधन के बाद विपक्ष ने वेल में नारेबाजी की और सदन से वॉकआउट कर दिया। बावजूद इसके, सरकार ने कार्यवाही को सुचारू रखा और सभी विधायकों को अनुपूरक बजट, स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास से जुड़े प्रस्तावों पर ध्यान देने का निर्देश दिया।
Read more:- UP Cough Syrup Case: कोडिन मामले पर सीएम योगी का जवाब- ‘यूपी में कोडिन से कोई मौत नहीं’
Also Follow HNN24x7 on Youtube

