chardham: इस साल उत्तराखंड में चारधाम यात्रा का शुभारंभ 30 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ हुआ। हर दिन सैकड़ों श्रद्धालु केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की यात्रा कर रहे हैं। ये चारों धाम हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों में से हैं। चारधाम और हेमकुंड साहिब में अभी तक 46 लाख 4 हजार 976 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, तो वहीं अब चारों धामों के कपाट बंद होनी की तिथि घोषित हो चुकी है।
सर्दियों के आगमन के साथ बंद किए जाते है कपाट
चारों धामों के कपाट हर साल सर्दियों के आगमन के साथ बंद किए जाते हैं, क्योंकि इस दौरान भारी बर्फबारी और कठिन मौसम के कारण इन क्षेत्रों में पहुंचना असंभव हो जाता है। कपाट बंद होने की प्रक्रिया धार्मिक रीति-रिवाजों और परंपराओं के साथ विधिवत रूप से संपन्न की जाती है।
सबसे पहले गंगोत्री धाम के कपाट होंगे बंद
सबसे पहले 22 अक्टूबर को 11 बजकर 36 मिनट पर मां गंगोत्री धाम के कपाट बंद होंगे। इसके बाद 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजकर 30 मिनट पर बाबा केदारनाथ धाम के कपाट बंद होंगे। और 23 अक्टूबर को ही साढ़े 12 बजे मां यमुनोत्री धाम के कपाट बंद किए जाएंगे। अंत में 25 नवंबर को 2 बजकर 56 मिनट पर बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होंगे।

