उत्तरकाशी में टला फिर बड़ा हादसा
उत्तरकाशी आपदा की दृष्टि से सबसे अधिक संवेदनशील जिला है, हाल ही में उत्तरकाशी के धराली में जो कुछ भी हुआ उसकी जीवंत तस्वीर अब भी अपने मूल स्वरुप में बिखरी पड़ी है। बावजूद इसके उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में व्यवस्था को सुचारु करने के लिए प्रदेश सरकार निरंतर प्रयास में जुटी है। इसी क्रम में गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार को बड़ा हादसा होते-होते टल गया, दरअसल, भटवाड़ी के समीप स्थित भूस्खलन जोन में हरिद्वार की ओर आ रही उत्तराखंड परिवहन निगम की बस अचानक फिलस गई। अब चूंकि मार्ग पूरी तरह बाधित हैं और मार्गों पर बिखरे मिट्टी के टीले बारिश के साथ मिलकर चिकनी मिट्टी के रुप में सड़क पर पड़े हैं लिहाजा उनपर चलने वाले वाहन अपना नियंत्रण खो रहे हैं। यही कारण रहा कि परिवहन निगम की बस का पिछला हिस्सा अचनाक फिसल कर खाई की ओर सरक गया, गनीमत यह रही कि कोई बड़ा हादसा होते-होते टल गया। वहीं बस में सवार यात्रियों की सांसे थम सी गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार बस भटवाड़ी से हरिद्वार की ओर जा रही थी, तभी मार्ग पर जमा मलबा और फिसलन के कारण बस का पिछला टायर सड़क से बाहर लटक गया।
टूट गया हर्षिल घाटी का पैदल संपर्क
उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से हर्षिल घाटी की ओर जाने वाला पैदल मार्ग संपर्क भी पूरी तरह से टूट चुका है। मौजूदा जानकारी के अनुसार बीते सोमवार को डबराणी के समीप बाधित हुए मार्ग को दोबारा तैयार करने के लिए लगाई गई पोकलैंड मशी न भागीरथी नदी में जा गिरी, लिहाजा मशीन के भागीरथी में गिरने के कारण डबराणी पुल और सोनगाड़ के बीच पैदल मार्ग भी पूरी तरह बर्बाद हो चुका है। वहीं, उक्त स्थान पर मार्ग को बनाने के लिए वन विभाग और बीआरओ की टीम डबराणी मोटर पुल के पास पहुंची है, जहां पर करीब एक किलोमीटर क्षेत्र में खड़ी पहाड़ी पर पैदल आवाजाही लिए बटिया तैयार की जानी है।
लेखक- शुभम तिवारी (HNN24X7)

