उत्तराखंड की 4843 ग्राम पंचायतों में सरकार का गठन अधर में
उत्तराखंड में हाल ही सम्पन्न हुए पंचायत चुनावों के बाद स्थिति यह बनी है कि 12 जिलों की 4843 ग्राम पंचायतों में सरकार का गठन अधर में अटका हुआ है। दरअसल, पंचायत चुनावों में 33,056 ग्राम पंचायत सदस्य और 20 ग्राम प्रधानों के पद खाली रह गए। नियम के मुताबिक, ग्राम पंचायत का गठन तभी संभव है जब प्रधान के साथ-साथ पंचायत सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई पद भरे हुए हों। यही वजह है कि 7499 में से केवल 2646 ग्राम पंचायतों में ही बोर्ड का गठन हो पाया है। जानकारी के मुताबिक, कई स्थानों पर नामांकन पत्र दाखिल न होने, उम्मीदवारों की कमी और कुछ क्षेत्रों में निर्विरोध चुनाव न हो पाने जैसी परिस्थितियों के चलते पद रिक्त रह गए। विशेष तौर पर ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में महिला व युवाओं की भागीदारी अपेक्षाकृत कम रही, जिससे बड़ी संख्या में सीटें खाली रह गईं। वहीं, 20 ग्राम पंचायतों में तो प्रधान पद पर चुनाव ही नहीं हो पाया।
उपचुनाव से बनेगा गांव की सरकार का रास्ता
पंचायती राज विभाग के उपनिदेशक मनोज कुमार तिवारी ने स्पष्ट किया है कि अब रिक्त पदों पर उपचुनाव कराए जाएंगे जिसके बाद इन पंचायतों में भी सरकार का गठन हो सकेगा। राज्य निर्वाचन आयोग को इसकी विस्तृत रिपोर्ट भेज दी गई है और संभावना है कि उपचुनाव की घोषणा जल्द की जाएगी। ग्रामीण विकास और स्थानीय प्रशासन के सुचारु संचालन के लिए इन उपचुनावों का समय पर संपन्न होना बेहद आवश्यक माना जा रहा है।
लेखक- शुभम तिवारी (HNN24X7)

