उत्तराखंड परिवहन निगम को लगा बड़ा झटका
उत्तराखंड में परिवहन की शान माने जानी वाली एवं यात्रियों को अपनी रफ्तार और सुविधा से लुभावना सफर कराने वाली उत्तराखंड परिवहन निगम को जोरदार झटका लगा है। दरअसल, सोमवार को यात्रियों को उच्च गुणवत्ता, आरामदायक व आधुनिक तकनीक से लैस परिवहन सेवा देने का दावा करने वाले उत्तराखंड परिवहन निगम की उच्च श्रेणी के यात्रियों की पहली पसंद वॉल्वो सेवा की पांच बसें परिवहन निगम के बेड़े से बाहर हो गई और कारण रहा-“अनुबंध की समाप्ति”। उत्तराखंड परिवहन निगम की इन पांच वॉल्वो बसों में से चार दून-दिल्ली मार्ग तथा एक एक बस दून-पांवटा-चंडीगढ़ मार्ग की है। दून-दिल्ली मार्ग उत्तराखंड परिवहन निगम का सबसे अधिक मुनाफे वाला रुट है, लिहाजा अब निगम की पांच बसों का इस दौड़ से बाहर होना निश्चित ही पूरी परिवहन निगम को बड़ा झटका देने वाला है। वर्तमान समय में अब देहरादून-दिल्ली मात्र 23 वॉल्वो का ही संचालन होगा। मात्र यही नही, अगस्त माह के पहले सप्ताह में ही उत्तराखंड परिवहन निगम की 2 और वॉल्वो बसें बेड़े से बाहर हो जाएंगी लेकिन निगम प्रबंधन अब तक हाथ-पर-हाथ धरे बैठा है। अब स्थिति यह है कि वर्तमान समय में उत्तराखंड परिवहन निगम की कुल 7 बसों का अनुबंध समाप्त हो जाने के कारण यह अपनी-अपनी निर्धारित दौड़ से बाहर हो जाएंगी, लेकिन उत्तराखंड परिवहन निगम अब तक नई वॉल्वो के अनुबंध की कोई भी तैयारी तक नहीं कर पाया है।
इन रुटों की दौड़ से बाहर हुईं 5 वॉल्वो
उत्तराखंड परिवहन निगम की वॉल्वो बसें उच्च श्रेणी के यात्रियों की पहली पसंद है। आमतौर पर उत्तराखंड परिवहन निगम उच्च श्रेणी के यात्रियों के लिए देहरादून से दिल्ली, चंडीगढ़, टनकपुर, अमृतसर और कटरा मार्ग पर सुपर डीलक्स वॉल्वो बसों का संचालन करता है। वर्तमान समय में उत्तराखंड परिवहन निगम देहरादून से 33 वॉल्वो का संचालन करता आया है, जिनमें से सर्वाधिक 27 बसों का संचालन दिल्ली आइएसबीटी, जबकि दो बसों का संचालन दिल्ली-गुरुग्राम मार्ग पर होता है। इसके अतिरिक्त दो बसों दून-पांवटा-चंडीगढ़ मार्ग जबकि एक-एक बस कटरा, अमृतसर और टनकपुर के लिए संचालित होती है। अब चूंकि देहरादून-दिल्ली की सभी बसें नॉन-स्टाप हैं, जिनकी यात्रा का समय साढ़े चार घंटे का है, लिहाजा इस प्रकार यह रुट उत्तराखंड परिवहन निगम के लिए सर्वाधिक मुनाफे वाला रुट बन जाता है। यही कारण भी है कि इस मार्ग पर संचालित सभी वॉल्वो बसों में अधिकांश टिकट ऑनलाइन ही बुक हो जाते हैं।
नए अनुबंध न होने के कारण “थमे पहिए”
उत्तराखंड परिवहन निगम के पास वर्तमान समय में मात्र 12 BS-6 वॉल्वो बसें हैं, जबकि शेष सभी बसें BS-4 हैं। बीते साल नवंबर माह में ही दिल्ली में प्रदूषण को लेकर BS-6 वाहनों को छोड़कर शेष वाहनों की एंट्री और संचालन को पूरी तरह रोक दिया गया था, उस उस दौरान भी परिवहन निगम के अधिकारियों ने दावा किया था कि बीएस-4 वॉल्वो के बदले बीएस-6 वोल्वो का अनुबंध किया जाएगा। लिहाजा परिवहन निगम ने इसके लिए नए बस ऑपरेटरों को बुलाने का भी दावा किया था, परंतु धरातलीय स्थिति तो यह है कि बीते 9 माह में भी उत्तराखंड परिवहन निगम एक भी नई वॉल्वो का अनुबंध नहीं कर पाया है। वहीं, बीते सोमवार को परिवहन निगम की 5 वॉल्वो बसों का अनुबंध समाप्त होने से उनका संचालन रोका जाना उत्तराखंड परिवहन निगम के लिए बुरी खबर से कम नहीं। वहीं, आफत तो यह है कि तीन अगस्त को उत्तराखंड परिवहन निगम की 2 अन्य वॉल्वो बसों का अनुबंध समाप्त हो जाएगा, लिहाजा ऐसी स्थिति में दो सप्ताह के भीतर निगम के बेड़े से सात वॉल्वो बाहर हो जाएंगी। वहीं, वोल्वो बसों का संचालन घटने से उच्च श्रेणी व उच्च मध्यम वर्ग के यात्रियों को परेशानी होना तय है।
लेखक- शुभम तिवारी (HNN24X7)

