उत्तराखंड में केंद्रीय टीम का स्थलीय निरीक्षण
उत्तराखंड के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का आकलन करने के लिए केंद्र सरकार की उच्च-स्तरीय अंतर-मंत्रालय केंद्रीय टीम (IMCT) ने सोमवार को धराली और हर्षिल क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। टीम का उद्देश्य आपदा से हुए नुकसान का विस्तृत आकलन करना और राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे राहत व पुनर्वास कार्यों की समीक्षा करना रहा। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य द्वारा टीम को जनपद में हुई जनहानि और परिसंपत्तियों के नुकसान की विस्तृत जानकारी दी गई। टीम ने मुखवा, हर्षिल और धराली क्षेत्रों का निरीक्षण करते हुए स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों से पुनर्निर्माण कार्यों की स्थिति की रिपोर्ट ली। इस दौरान प्रभावित लोगों ने अपने मकानों, होटलों, बगीचों, फसलों और व्यवसायों को हुए नुकसान की जानकारी टीम को दी और पुनर्वास, रोजगार व क्षतिपूर्ति की मांग रखी। केंद्रीय टीम ने सभी पहलुओं की समीक्षा के बाद जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजने की बात कही।
जल्द सरकार को सौंपी जाएगी राहत पैकेज रिपोर्ट
उत्तराखंड में आपदा से प्रभावित क्षेत्रों के स्थलीय निरीक्षण के दौरान अंतर-मंत्रालय केंद्रीय टीम ने सड़कों, पुलों, सार्वजनिक भवनों, बिजली और जल आपूर्ति लाइनों जैसी बुनियादी ढाँचों को हुए नुकसान का आकलन किया। टीम ने कृषि, फसलों, पशुधन और स्थानीय आजीविका साधनों पर पड़े असर की भी समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान आपदा के समय उपलब्ध कराए गए भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहायता और अस्थायी आश्रयों की जानकारी भी ली गई। टीम लीडर आर. प्रसन्ना ने बताया कि प्रभावितों के मकान, जमीन और अन्य परिसंपत्तियों को हुए नुकसान का विवरण स्थानीय प्रशासन से एकत्रित किया जा रहा है। इन आंकड़ों के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपी जाएगी जिसके बाद आपदा प्रभावितों के लिए राहत पैकेज की घोषणा की जाएगी।
लेखक- शुभम तिवारी (HNN24X7)

