उत्तराखंड में आफत की बारिश
उत्तराखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है, जिससे पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक झमाझम बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने पूरे प्रदेश के लिए भारी से बहुत भारी वर्षा और आकाशीय बिजली की चेतावनी के साथ ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बागेश्वर में भारी बारिश के कारण 22 सड़कें बंद हो गई हैं, वहीं नैनीताल में बिजली आपूर्ति बाधित है। देहरादून में सुबह से बादलों के बीच उमस भरा मौसम रहा, लेकिन शाम को तेज बारिश ने राहत दी। चमोली और रुद्रप्रयाग समेत कई पहाड़ी इलाकों में भी मूसलधार वर्षा दर्ज की गई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
सड़कों पर मलबा, नदियां उफान पर
उत्तराखंड के कई जिलों में देर रात से जारी भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। बागेश्वर में मलबा गिरने से 22 सड़कों पर आवागमन ठप है और कई जगह पेड़ गिरने की घटनाएं हुई हैं। सरयू और गोमती नदियां उफान पर हैं, जबकि मंडलसेरा, सेज और तहसील रोड पर पानी घरों में घुस गया है, जिससे कक्षा 1 से 12 तक के स्कूल बंद कर दिए गए हैं। नैनीताल में भी लगातार बारिश के कारण आधे शहर में बिजली आपूर्ति बाधित है और झील से पानी की निकासी की जा रही है। रुद्रपुर, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, रानीखेत और चंपावत में भी तेज बारिश हो रही है, जहां भूस्खलन और मलबे से ग्रामीण सड़कों का संपर्क टूटा है। टनकपुर-चंपावत-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन के कारण आवागमन पूरी तरह बंद है। कई क्षेत्रों में घना कोहरा छाया हुआ है और नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। चंपावत जिले में लगातार तीसरे दिन स्कूलों को बंद रखा गया है।
IMD ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट
उत्तराखंड में मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए प्रदेशभर में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कुमाऊं क्षेत्र में मध्यम वर्षा के दौर पहले ही शुरू हो चुके हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आज सभी जिलों में घने बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं तीव्र वर्षा के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका है। स्वतंत्रता दिवस के दिन यानी शुक्रवार को भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। प्रशासन को सतर्क रहने और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
लेखक- शुभम तिवारी (HNN24X7)

