उत्तराखंडमौसमसामाजिक

उत्तराखंड में मौसम लेगा करवट, लौटेगी कड़ाके की ठंड…मैदानी व पहाड़ी इलाकों में बार‍िश-बर्फबारी का अलर्ट

राजधानी दून समेत अधिकतर क्षेत्रों में मौसम अभी शुष्क बना हुआ है और तापमान भी सामान्य से काफी अधिक है। चूंकि भूमध्य सागर, अंध सागर से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो चुका है लिहाजा अब प्रदेश में 3 फरवरी से अधिकांश क्षेत्रों में बादलों का निर्माण होने का भी पुर्वानुमान है। यही कारण भी है कि 4 फरवरी से उत्तराखंड के 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई पर स्थित वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी इलाको में मूसलाधार भारी वर्षा होनें की संभावना है।

उत्तराखंड में मौसम अब एकबार फिर से करवट लेने को उतारु है, प्रदेश में जहां एक ओर अभी तक मौसम शुष्क बना हुआ था तो वहीं अब आगामी 3 फरवरी भारी वर्षा और बर्फबारी का चक्र व्यापकता से घूमने का अनुमान है। प्रदेश की राजधानी देहरादून समेत अधिकांश क्षेत्रों में मौसम के मिजाज में शुष्कता देखी जा रही है, यही कारण भी है कि दिन गर्म होने लगे हैं और दोपहर की धूप पसीने छुड़ा रही है। तो वहीं सुबह का आगाज भी जकड़ी हुई हल्की सर्द ठिठुरन के साथ हो रहा है। प्रदेश में आने वाले कुछ दिन शुष्कता बरकरार रहेगी, हांलांकी 3 फरवरी से मौसम अपने मिजाज में पूर्णत: करवट लेने वाला है।

मैदानी व पहाड़ी इलाकों में बार‍िश-बर्फबारी का अलर्ट

      देहरादून स्थित मौसम विभाग के मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तराखंड में मौसम अपना मिजाज बदलने वाला है, मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ से प्रदेश के 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई पर स्थित क्षेत्रों में बर्फबारी और वहीं मैदानी इलाकों में वर्षा के आसार हैं। गुरुवार को सुबह से ही दून समेत आसपास के क्षेत्रों में धूप खिली रही। दिनभर तेज धूप से मौसम में गर्माहट महसूस की गई। दून का तापमान भी सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस अधिक बना रहा।

आज शुष्‍क रहेगा मौसम

      मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने प्रदेश के मौसम पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि शुक्रवार को ज्यादातर क्षेत्रों में मौसम शुष्क बना रह सकता है, तो वहीं तापमान भी सामान्य से अधिक बना रहेगा। यही कारण भी है कि शुष्क मौसम के चलते सूखी ठंड का अनुभव आजकल किया जा रहा है। आगामी एक फरवरी को पर्वतीय क्षेत्रों में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं।

HNN 24x7 Desk

HNN 24x7 is Uttarakhand's #No. 1 News Channel voicing the issues of public concern and addressing them to the Higher Authorities. We present to our audience the true face of the stories as our motto is 'जुनून सच दिखाने का'.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
16:57