नैनीताल हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, स्थापना दिवस समारोह रद्द
नैनीताल हाईकोर्ट ने राज्य में फैली प्राकृतिक आपदाओं के कारण स्थापना दिवस समारोह रद्द कर दिया है और इसके लिए आवंटित 1.50 करोड़ रुपये की धनराशि मुख्यमंत्री राहत कोष में दान करने का बड़ा फैसला लिया है। चीफ जस्टिस के आदेश पर रजिस्ट्रार जनरल ने इसका नोटिफिकेशन जारी किया है जिसमें कहा गया है कि यह राशि आपदा प्रभावित परिवारों के राहत और पुनर्वास के लिए उपयोग की जाएगी। इसके अलावा, न्यायाधीश और अन्य न्यायिक अधिकारी एक दिन के मूल वेतन का भी मुख्यमंत्री राहत कोष में योगदान देंगे। यह कदम सामाजिक संवेदनशीलता और आपदा पीड़ितों के प्रति सहानुभूति का परिचायक है।
नैनीताल हाईकोर्ट का न्यायिक कर्मचारियों से स्वैच्छिक योगदान का आह्वान
नैनीताल हाईकोर्ट ने राज्य के न्यायिक अधिकारियों और अधीनस्थ कर्मचारियों से राहत प्रयासों में सहयोग के लिए स्वैच्छिक योगदान देने का आह्वान किया है। यह पहल उत्तराखंड की जनता के प्रति न्यायपालिका की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जो प्राकृतिक आपदाओं के दौरान पीड़ितों की सहायता और पुनर्वास के लिए एकजुट होकर समर्थन प्रदान करने के लिए तत्पर है। इस कदम से न्यायपालिका ने सामाजिक जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए राहत कार्यों को मजबूती प्रदान करने का संदेश दिया है।
लेखक- शुभम तिवारी (HNN24X7)

