Electric Three Wheelers

2027 से सिर्फ Electric Three Wheelers चलेंगे, नए CNG और डीजल ऑटो का रजिस्ट्रेशन होगा बंद

Electric Three Wheelers: दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) और सरकार ने एक बेहद सख्त और बड़ा फैसला लिया है। अब इस पूरे क्षेत्र में प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हटाकर सिर्फ इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर (E-Auto) चलाने की तैयारी है। नई नीति के तहत दिल्ली में साल 2027 से नए CNG, पेट्रोल और डीजल ऑटो का रजिस्ट्रेशन पूरी तरह बंद हो जाएगा। इसके बाद केवल L5 कैटेगरी के इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर ही रजिस्टर्ड किए जाएंगे।

कब और कहाँ लागू होगा यह नियम?

CAQM के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में ट्रैफिक और वाहनों के धुएं की वजह से हवा की क्वालिटी लगातार खराब हो रही है। बता दें कि राजधानी दिल्ली में यह नियम सबसे पहले लागू होगा। यहां नए CNG, पेट्रोल या डीजल थ्री-व्हीलर का रजिस्ट्रेशन पूरी तरह बंद हो जाएगा और सिर्फ इलेक्ट्रिक सवारी व सामान ढोने वाले थ्री-व्हीलर का ही नया रजिस्ट्रेशन होगा। दिल्ली के बाद यह नियम उन जिलों में लागू होगा जहां गाड़ियों की संख्या और ट्रैफिक बहुत ज्यादा है।

इसमें गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) शामिल हैं। 1 जनवरी 2029 से नए साल 2029 की शुरुआत से यह नियम पूरे एनसीआर क्षेत्र में अनिवार्य हो जाएगा। इसके बाद पूरे इलाके में केवल इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर ही रजिस्टर्ड हो सकेंगे।

टू-व्हीलर्स पर भी लग सकती है रोक

नई नीति के तहत सिर्फ थ्री-व्हीलर ही नहीं, बल्कि टू-व्हीलर्स और अन्य कमर्शियल वाहनों के लिए भी सख्त नियम तैयार किए जा रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2028 से दिल्ली में नए पेट्रोल और CNG टू-व्हीलर्स (बाइक और स्कूटर) के रजिस्ट्रेशन पर भी रोक लगाने का प्रस्ताव है। सरकार का लक्ष्य टैक्सी, डिलीवरी वाहनों और सार्वजनिक परिवहन को भी पूरी तरह इलेक्ट्रिक बनाने का है।

ऑटो चालकों को मिलेगी सब्सिडी

ऑटो चालकों पर अचानक आर्थिक बोझ न पड़े, इसके लिए दिल्ली सरकार की ड्राफ्ट EV पॉलिसी में वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है नया ई-ऑटो (E-Auto) खरीदने पर शुरुआती सालों में 30,000 से 50,000 रुपये तक की सब्सिडी दी जा सकती है। पुराने CNG ऑटो को इलेक्ट्रिक में बदलने (स्क्रैप या एक्सचेंज करने) पर भी आर्थिक सहायता देने का प्रस्ताव है।

चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग पर ज़ोर

सड़कों पर इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकार चार्जिंग स्टेशनों और बैटरी स्वैपिंग नेटवर्क को मजबूत करने पर तेजी से काम कर रही है, ताकि ई-ऑटो चालकों को चार्जिंग से जुड़ी किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े।

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