नैनीताल हाईकोर्ट ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आदेश पर रोक लगा दी जिससे1724 उद्योगों में लाखों कर्मचारियों को राहत मिली

नैनीताल हाईकोर्ट ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दो दिसंबर 2022 के आदेश पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगा दी इस फैसले से 1724 उद्योगों और वहां कार्यरत लाखों कर्मचारियों को राहत मिली है।कोर्ट ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को 20 दिसंबर तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

बता दें कि कुमाऊं गढ़वाल चैंबर्स ऑफ कॉमर्स और सिडकुल मैन्यूफेक्चरर ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है ।तो सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया कि पीसीबी ने अपने आदेश में कहा कि प्रदेश के 1724 उद्योगों ने भारत सरकार की ओर से अधिसूचित प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट नियमावली-2016 की धारा 13 का अनुपालन नहीं किया है।

बोर्ड ने कहा कि प्रदेश में पंजीकृत 1729 उद्योगों में से केवल हिंदुस्तान लीवर लिमिटेड, पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड, ब्रिटानिया इंडस्ट्री लिमिटेड, रेकिट बेनकीजर लिमिटेड और परफेटी वैन मेल्ले लिमिटेड ने ही ईपीआर प्लान पेश किया है। बोर्ड ने इसकी सूचना समाचार पत्रों और नोटिस के माध्यम से 1724 उद्योगों को भेजी। उद्योगपतियों की ओर से दायर याचिका में पीसीबी के आदेश को निरस्त करने व उद्योगों के संचालन की अनुमति के लिए हाईकोर्ट से याचना की गई। हाईकोर्ट के उक्त आदेश पर फिलहाल रोक से उद्यमियों को फौरी राहत मिल गई है।

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