दो मई के खुलेंगे आदि कैलाश स्थित शिव-पार्वती मंदिर के कपाट, PM मोदी के आने से बढ़े श्रद्धालु….व्यवस्थाएं देखने गई अधिकारियों की टीम

दो मई के खुलेंगे आदि कैलाश स्थित शिव-पार्वती मंदिर के कपाट

 

 

 

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जनपद में स्थित आदि कैलाश उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों में से एक है, जहां एक और उत्तराखंड स्थित चार धामों के कपाटों को खोलने की तिथि निकट आ रही है वहीं दूसरी ओर आदि कैलाश विकास समिति ने आदि कैलाश में शिव-पार्वती मंदिर के कपाट खोलने के लिए सहमति बना ली है। दरअसल, शिव-पार्वती मंदिर ग्राम कुटी में आने वाले ज्योलिंगकांग (14500 फुट) की ऊंचाई पर आदि कैलाश पर्वत पर स्थित हैं। शिव-पार्वती मंदिर के कपाट खोलने के संदर्भ में आदि कैलाश विकास समिति अध्यक्ष पुनीत सिंह कुटियाल ने बताया कि शिव-पार्वती मंदिर के कपाट आगामी दो मई को खोले जाएंगे। जिसके बाद से ही आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु और स्थानीय ग्रामीण शिव-पार्वती मंदिर, आदि कैलाश पर्वत, पार्वती सरोवर और गौरी कुंड के दर्शन कर पाएंगे। वहीं मंदिर के पुजारी गोपाल सिंह कुटियाल और वीरेंद्र सिंह कुटियाल ने बताया कि BRO की 65 RCC ग्रिफ ने गुंजी, नाबी, कुटी आदि कैलाश सड़क से जेसीबी के जरिए बर्फ हटा दी है लिहाजा अब क्षेत्र में आवाजाही शुरू हो गई है। वहीं पुजारीयों ने बताया कि कुटी के ग्रामीण 20 मई से प्रवास शुरू कर देंगे। इससे क्षेत्र में सुरक्षा कर्मियों और कुमाऊं मंडल विकास निगम के कर्मचारियों का पहुंचना शुरू हो जाएगा। वहीं SDM मनजीत सिंह ने जानकारी दी कि मई माह के पहले हफ्ते से ही इनर लाइन परमिटों को जारी कर दिया जाएगा। जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि श्रद्धालु, होम स्टे संचालक और टैक्सी यूनियन पदाधिकारियों से और प्रशासन की ओर से जारी तिथि के संदर्भ में जानकारी लेकर ही बुकिंग करवाएं।

PM मोदी के आने से बढ़े श्रद्धालु

 

 

उत्तराखंड पर्यटन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखंड दौरे पर आने के बाद से ही पंख लगते नजर आ रहे हैं, आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 अक्तूबर 2023 में आदि कैलाश दर्शन के बाद पर्यटकों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ। बीते वर्ष तकरीबन 31,000 श्रद्धालुओं ने आदि कैलाश समेत अन्य धार्मिक स्थलों के भी दर्शन किए थे, इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिछले वर्ष 21 जून को योगा दिवस आदि कैलाश में मनाया। यही नहीं, राज्य पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी भी ओम पर्वत, आदि कैलाश के दर्शन कर चुके हैं।

व्यवस्थाएं देखने गई अधिकारियों की टीम

 

 

आगामी अप्रैल माह के अंत से ही आदि कैलाश और ओम पर्वत दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ आना शुरु हो जाएगी, लिहाजा ऐसे में प्रशासन ने भी अपनी ओर से यात्रियों की यात्रा को सुगम करने के लिए बेहतर सड़क मार्ग, ठहरने के लिए उचित प्रबंध सहित अन्य व्यवस्थाओं की देखरेख का जिम्मा उठा रखा है। इसी क्रम में बीते आज शुक्रवार को ADM योगेंद्र सिंह, SDM धारचूला मंजीत सिंह व अन्य विभागीय अधिकारियों की एक टीम दो दिनी भ्रमण के लिए व्यास घाटी के लिए रवाना हुई। टीम लौटने के बाद वहां पर सड़क मार्ग की स्थिति सहित मौजूद संसाधनों की जानकारी से जिलाधिकारी को अवगत कराएगी।

 

 

 

 

 

लेखक- शुभम तिवारी (HNN24X7)

 

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