राजधानी देहरादून में डेंगू-कोरोना का दोहरा दंश
राजधानी देहरादून में मानसून के बढ़ते कहर के साथ-साथ डेंगू और कोरोना का कहर भी बरपता जा रहा है। दरअसल, राजधानी देहरादून में हो रही लगातार बारिश और वातावरण में बढ़ती नमी डेंगू और कोरोना के संक्रमण के लिए और अधिक अनुकूलित वातावरण तैयार कर रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते मंगलवार को राजधानी में कोरोना से सक्रंमित चार नए मामले सामने आए हैं। बताते चलें कि अबतक राजधानी में डेंगू के सक्रिय 15 मामले और कोरोना के 91 मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, राजधानी में अब तक कुल 9829 डेंगू संभावित मरीजों की जांच करी गई है, जिनमें से 164 मामलों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। डेंगू के इन सक्रिय मामलो में 86 मरीज राजधानी देहरादून के ही निवासी हैं जबकि शेष 78 मरीज अन्य जिलों व राज्यों से हैं। इनमें आठ मरीज श्रीमहंत इंदिरेश अस्पताल, तीन ग्राफिक एरा, और एक-एक मरीज हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट तथा दून मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती हैं।
डेंगू के 3 और COVID-19 के चार नए मरीज
देहरादून जिले में स्वास्थ्य विभाग और आशाओं की मदद से लगातार घरों के सर्वे जारी हैं, इस कड़ी में बीते मंगलवार को भी स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने 11483 घरों का सर्वे किया, जिनमें से 185 स्थानों पर डेंगू संक्रमण फैलाने वाले मच्छर का लार्वा मिला। वहीं 80209 कंटेनरों की जांच में 268 में लार्वा पाया गया जिसे मौके पर ही नष्ट किया गया। स्वास्थ्य विभाग के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि बारिश के कारण रुके हुए पानी में एडीज एजिप्टी मच्छर अंडे देते हैं और नमी उनकी वृद्धि के लिए उपयुक्त वातावरण बनाती है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि अपने घर और आसपास सफाई रखें, पानी जमा न होने दें तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
चुनौती बनी रोकथाम
मौजूदा वक्त में उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग के लिए लगातार बढ़ती संक्रमित मरीजों की संख्या, उनके उपचार और संक्रमण की रोकथाम गले की हड्डी बनी हुई है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग अपनी ओर से युद्ध स्तर पर अभियान चलाकर संक्रमण की रोकथाम में निरंतर प्रयास कर रहा है, परंतु यह संक्रमित बिमारीयां इतनी आसानी से खत्म नहीं होने वाली हैं। राजधानी देहरादून में डेंगू के साथ-साथ कोरोना भी अपने पांव अब पसारने लगा है। वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि बरसात के समय नमी के चलते वायरस अधिक समय तक हवा में सक्रिय रह सकते हैं, लिहाजा इससे संक्रमण के बढ़ने का खतरा और भी बढ़ जाता है। वहीं विशेषज्ञों और स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोविड प्रोटोकाल का पालन करने, मास्क का प्रयोग, शारीरिक दूरी बनाए रखना और हाथों की नियमित साफ-सफाई पर ध्यान देंने जैसे सुरक्षा प्रणाली को अपनाने की अपील की गई है औ
लेखक- शुभम तिवारी (HNN24X7)

