उत्तराखंड सरकार वाइब्रेंट विलेज की योजना पर गंभीर
उत्तराखंड सरकार चीन और नेपाल की अंतर्राष्ट्रिय सीमा से सटे उत्तराखंड के सीमावर्ती गावों की तस्वीर बदलने के लिए निरंतर गंभीरता से अहम कदम उठा रही है। उत्तराखंड सरकार का लक्ष्य है कि सीमावर्ती गावों को भी सुविधा और साधन से परिपूर्ण किया जाए। इसी कड़ी में बीते सोमवार को उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में आयोजित हुई वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम की राज्य स्तरीय संचालन समिति की बैठक में वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम में शामिल राज्य के 91 गांवों के लिए अति महत्वपूर्ण योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश संबंधित जिलों को दिए हैं।
मुख्य सचिव ने दिए आवश्यक निर्देश
अपने निर्देश में मुख्य सचिव ने कहा कि यह योजनाएं इस प्रकार निर्मित होनी चाहिए, जिससे इस कार्यक्रम के उद्देश्यों की पूर्ति हो सके। वहीं इस बैठक के दौरान मुख्य सचिव को यह भी ज्ञात हुआ कि वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के चलते केंद्र सरकार को भेजे गए 524 प्रोजेक्ट में से 181 को स्वीकृति मिल चुकी है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि वाइब्रेंट विलेज से संबंधित योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाए, वहीं इन योजनाओं को समयद्घता के साथ पूरा करने के लिए लगातार केंद्र सरकार के मंत्रालयों से संवाद की प्रक्रिया में तेजी लाई जानी चाहिए। वहीं इन योजनाओं की निरंतर मानीटरिंग भी जरुरी है। मुख्य सचिव ने कहा कि जिन योजनाओं के क्रियान्वयन में एक से अधिक विभागों की भूमिका है, उनमें संबंधित विभागों से लगातार समन्वय बनाकर आगे बढ़ा जाए।
ग्राम्य विकास सचिव ने दी जानकारी
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने इस कार्यक्रम के तहत गांवों के विकास के लिए योजनाओं के चयन पर भी गंभीरता से जोर दिया। वहीं साथ ही वाइब्रेंट विलेज क्षेत्रों में ग्रामीणों व सेना के मध्य सामंजस्य स्थापित करने के लिए शीघ्र ही कार्यशाला आयोजित करने के भी निर्देश दिए गए। इस कार्यशाला में में राज्य सरकार के महत्वपूर्ण विभागों के साथ ही आइटीबीपी, सेना व केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों को भी सम्मिलित होंगे। बैठक में ग्राम्य विकास सचिव राधिका झा ने मुख्य सचिव को बताया कि वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत जिन 181 प्रोजेक्ट को स्वीकृति दी गई है, उनमें 66 के लिए कन्वर्जेंस के माध्यम से धन दिया जाएगा, वहीं इन 181 प्रोजेक्ट में से कि 93 कार्यों के लिए धनराशि जारी भी करी जा चुकी है। ग्राम्य विकास सचिव राधिका झा ने आगे बताया कि इस कार्यक्रम के चलते चमोली जिले में 18 में से 14, पिथौरागढ़ में 62 में से 38 कार्य शुरू हो चुके हैं। जबकि वहीं पिथौरागढ़ में 24 कार्यों के लिए निविदा प्रकिया जारी है। उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी जिले के 13 कार्यों में से आठ उरेडा के हैं, जिन पर 80 प्रतिशत कार्य हो चुका है। वन विभाग के पांच कार्य हैं, जिनमें 40 प्रतिशत कार्य शेष है।
लेखक- शुभम तिवारी (HNN24X7)

