उत्तराखंड में पर्यटन को लेकर अनोखी पहल
उत्तराखंड में पर्यटन की ओर एक कदम और मजबूत करते हुए उत्तराखंड सरकार ने अहम फैसला लिया है। दरअसल, उत्तराखंड सरकार द्वारा सरोवर नगरी नैनीताल के हल्द्वानी और अन्य जिलों में फैले नंधौर वाइल्डलाइफ सेंचुरी को और भी अधिक आकर्षक बनाने के लिए चोरगलिया में नंधौर सेंचुरी के पास एक हेक्टेयर जमीन पर राज्य का पहना ईको विलेज बनाने की तैयारी है। यहां पर्यटकों को गांव के साथ-साथ अपने घर जैसा अहसास भी होगा। वहीं इस पहल से न सिर्फ उत्तराखंड में टूरिज्म की नींव मजबूत होगी बल्कि स्थानिय लोगों को भी रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे, जो राज्य की आर्थिकी ने कई रुपों से सहायक होंगे। वहीं राज्य सरकार का ध्येय है कि आसपास के ग्रामीण युवाओं के साथ महिलाओं के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इस पहल के लिए पेयजल निर्माण निगम की ओर से DPR व डिजाइन दोनों तैयार कर वन विभाग को सौंप दिए गए हैं, लिहाजा वन विभाग ने भी शासन को पांच करोड़ रुपये का बजट प्रस्ताव भेज दिया है। बजट स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण को लेकर टेंडर करवाया जाएगा। ईको विलेज बनने पर नंधौर सेंचुरी घूमने आने वाले लोगों को रात्रि विश्राम के लिए अच्छी जगह भी मिलेगी।
यहां बनेगा उत्तराखंड का पहला इको-विलेज
नाधौंर रेंज के तहत इस इको-विलेज का निर्माण किए जाने को लेकर हल्द्वानी डिवीजन के डीएफओ कुंदन कुमार के अनुसार चोरगलिया में नंधौर रेंज के तहत आने वाले लाखनमंडी गांव के पास आम बगीचा नाम की जगह पड़ती है। जहां कि रिजर्व फारेस्ट क्षेणी से बाहर की एक हेक्टेयर भूमि वन विभाग के स्वामित्व से जुड़ी है, लिहाजा विभाग ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस भूमि को ईको विलेज के रुप में विकसित करना चाहता है। आपको बता दें कि इस प्रोजेक्ट के तहत तहत उत्तराखंड या अन्य राज्यों से आने वाले पर्यटकों को यहां ठहरने के लिए ईको हट्स और काटेज मिलेंगे, वहीं कैफेटेरिया, किचन, शौचालय, पेजयल व्यवस्था से लेकर कूड़ा निस्तारण का प्रबंध भी किया जाएगा। विभाग का कहना है कि इसके निर्माण में कंक्रीट का उपयोग करने के बजाय लकड़ी का इस्तेमाल अधिक किया जाएगा। डीएफओ कुंदन ने बताया कि ईको विलेज से स्थानीय युवाओं और महिलाओं को रोजगार भी उपलब्ध होगा। नंधौर ईको विलेज में ठहरने के लिए पर्यटक www.nandhaurwildlife.uk.gov.in पर जाकर बुकिंग कर सकेंगे।
स्थानियों को मिलेगा रोजगार
प्राप्त जानकारी के अनुसार नंधौर ईको विलेज में रखरखाव से लेकर नेचर गाइड का जिम्मा युवाओं को सौंपा जाएगा। जबकि, भोजन के तौर पर पर्यटकों को पर्वतीय व्यंजन परोसे जाएंगे। अब चूंकि ईको विलेज के समीप राजस्व ग्राम भी पड़ते हैं लिहाजा गाइड के तौर पर जो स्थानिय युवक हैं वह पर्यटकों को गांव का भ्रमण करा पर्वतीय ग्रामीण जनजीवन से रुबरु कराएंगे। इसके अलावा स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के तैयार किए गए उत्पाद ईको विलेज में बिक्री के लिए रखे जाएंगे।
लेखक- शुभम तिवारी (HNN24X7)

