Kainchi Dham Mela : उत्तराखंड में स्थित विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम आज आस्था के महासागर में तब्दील हो चुका है। बाबा नीम करौली महाराज के इस पावन आश्रम का आज 62वां स्थापना दिवस है। इस खास मौके पर देश-दुनिया से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। सोमवार सुबह से ही मंदिर परिसर के बाहर भक्तों की लगभग दो किलोमीटर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। हर तरफ बाबा के जयकारों की गूंज सुनाई दे रही है।
सुबह नौ बजे तक ही करीब 25 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर विशाल भंडारे का महाप्रसाद ग्रहण कर चुके थे, जबकि शाम तक यह संख्या 50 हजार के पार होने की उम्मीद है। स्थापना दिवस के मौके पर आज यहां आने वाले हर भक्त को पारंपरिक मालपुए का प्रसाद बांटा जा रहा है।
बाबा के चमत्कारों की आज भी है चर्चा
कैंची धाम केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि बाबा के चमत्कारों और उनकी दिव्य लीलाओं का साक्षी भी है। इस आश्रम की स्थापना 15 जून 1964 को खुद बाबा नीम करौली महाराज ने अपने हाथों से की थी, और इसी दिन यहाँ हनुमान जी की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा भी की गई थी। मंदिर से जुड़े लोग आज भी बाबा के चमत्कारों की कहानियां बड़े चाव से सुनाते हैं। ऐसी ही एक मान्यता है कि एक बार विशाल भंडारे के दौरान अचानक घी खत्म हो गया था।
तब बाबा के आदेश पर भक्त पास की नदी से तीन कनस्तर पानी भरकर लाए। जैसे ही उस पानी को कड़ाहियों में डाला गया, वह अपने आप शुद्ध घी में बदल गया। बाद में जब बाजार से असली घी आ गया, तो बाबा ने मुस्कुराते हुए कहा कि गंगा मैया का कर्ज उन्हें वापस लौटा आओ। बाबा के प्रति यही अटूट विश्वास आज दुनिया भर से लोगों को यहाँ खींच लाता है।
सुरक्षा और यातायात के विशेष इंतजाम
आश्रम में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं। पूरे क्षेत्र की ड्रोन कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है। मंदिर परिसर और आसपास के रास्तों पर पुलिस बल के साथ-साथ पैरामिलिट्री के जवान भी तैनात हैं। श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए हल्द्वानी, काठगोदाम, नैनीताल, भवाली, भीमताल और खैरना से विशेष शटल बसें चलाई जा रही हैं।
हालांकि, शटल सेवा के बावजूद रास्तों पर भारी जाम की स्थिति बनी हुई है। कुमाऊं के कमिश्नर दीपक रावत, आईजी निवेदिता कुकरेती, डीएम ललितमोहन रयाल और एसएसपी मंजूनाथ टीसी खुद मौके पर रहकर लगातार यातायात और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं।
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