नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में मतपत्र टैंपरिंग का आरोप
नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में एक मतपत्र में टैंपरिंग के आरोप लगे हैं, जिससे चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठे हैं। मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता, राज्य सरकार निर्वाचन आयोग के अधिवक्ताओं और दोनों प्रत्याशियों को मामले की जांच के लिए जिलाधिकारी कार्यालय नैनीताल में मौजूद CCTV फुटेज देखने का निर्देश दिया है। सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए एसपी सिटी नैनीताल को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस मामले की अगली सुनवाई गुरुवार को होगी, जिसमें इस विवाद की गहराई और चुनाव की पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर ध्यान दिया जाएगा।
CCTV फुटेज की जांच के दिए आदेश
नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में एक मतपत्र में टैंपरिंग या ओवरराइटिंग का आरोप लगने के बाद मामला गंभीर हो गया है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी नरेंद्र और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता, राज्य सरकार, निर्वाचन आयोग के अधिवक्ताओं तथा अध्यक्ष पद के दोनों प्रत्याशियों को गुरुवार को 11 बजे जिलाधिकारी कार्यालय नैनीताल में सुरक्षित कोषागार में रखी गई CCTV फुटेज और वीडियोग्राफी देखने का निर्देश दिया है। जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा फुटेज दिखाने की व्यवस्था की जाएगी। इस कार्रवाई से चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने और आरोपों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
एसपी सिटी को सौंपी जिम्मेदारी
नैनीताल जिला पंचायत सदस्य पूनम बिष्ट की याचिका में सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने फैसला सुनाते हुए वीडियोग्राफी और CCTV फुटेज देखने के लिए दोनों पक्षों की तरफ से कुल नौ लोगों को शामिल किया है। इनमें याचिकाकर्ता पक्ष से तीन, सरकार की ओर से तीन अधिवक्ता, निर्वाचन आयोग के एक अधिवक्ता और अध्यक्ष पद की दोनों प्रत्याशी दीपा दर्मवाल व पुष्पा नेगी शामिल हैं। इस प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा की जिम्मेदारी एसपी सिटी नैनीताल डॉ. जगदीश चंद्र को सौंपी गई है। मामले की अगली सुनवाई गुरुवार को होगी।
लेखक- शुभम तिवारी (HNN24X7)

