भाजपा का एजेंडा – विकास के पथ पर आगे बढ़ते हुए
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अनुपूरक बजट में विकास योजनाओं को प्राथमिकता दी है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए सड़क, आपदा राहत, गंगा-शारदा कॉरिडोर, और एलिवेटेड रोड नेटवर्क के लिए विशेष फंड का प्रावधान किया गया। धामी सरकार का फोकस अवस्थापना विकास पर है, जिससे भाजपा ‘डबल इंजन सरकार’ के वादे को मजबूत कर रही है।
कांग्रेस का दांव – हंगामा और प्रदर्शन से सरकार को घेरने की कोशिश
लगातार चुनावी झटके झेल रही कांग्रेस ने रणनीति बदली है। विधानसभा के मानसून सत्र में विपक्षी हंगामे के चलते कार्यवाही समय से पहले समाप्त करनी पड़ी। कांग्रेस अब एंटी-इनकंबेंसी और सड़क से सदन तक आंदोलन को हथियार बनाकर भाजपा को घेरने की तैयारी में है। पंचायत चुनावों में उम्मीद के मुताबिक सफलता न मिलने के बाद पार्टी आक्रामक राजनीतिक शैली अपना रही है।
2027 चुनावी जंग – विकास बनाम हंगामा
पंचायत और नगर निकाय चुनावों में भाजपा की जीत ने कांग्रेस के उत्साह को कम कर दिया है। अब आने वाले 2027 विधानसभा चुनाव का एजेंडा साफ दिख रहा है—भाजपा विकास योजनाओं और बजट प्रावधानों की ताकत से मैदान में उतरेगी, वहीं कांग्रेस हंगामे और विरोध प्रदर्शनों के सहारे अपनी जमीन बचाने की जुगत करेगी। नतीजतन, उत्तराखंड की राजनीति में ‘विकास बनाम हंगामा’ नया नैरेटिव बन चुका है।
लेखक- शुभम तिवारी (HNN24X7)

