चंपावत में भर्ती पेपर लीक को लेकर भड़का युवा आक्रोश
उत्तराखंड में भर्ती पेपर लीक मामले को लेकर युवाओं का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को चंपावत जिले के सैकड़ों बेरोजगार युवाओं ने मुख्यमंत्री की विधानसभा क्षेत्र में सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग को कई स्थानों पर जाम कर दिया, जिसे प्रशासन की समझाइश के बाद खोला गया। युवाओं ने बस स्टेशन से लेकर डीएम कार्यालय तक आक्रोश रैली भी निकाली और इस दौरान भर्ती परीक्षा रद्द करने, सीबीआई जांच कराने एवं आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। युवाओं ने सरकार पर बेरोजगारों के भविष्य से खिलवाड़ करने और नकल माफियाओं पर लगाम लगाने में विफल रहने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि धामी सरकार में लगातार पेपर लीक हो रहे हैं और नौकरियां बेची जा रही हैं।
चेतावनी- 2027 में सरकार का तख्तापलट
भर्ती पेपर लीक घोटाले को लेकर चंपावत में युवाओं का आंदोलन और उग्र होता जा रहा है। आक्रोशित युवाओं ने साफ चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो 2027 में सरकार का तख्तापलट कर देंगे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बेरोजगार युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी कीमत पर खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। युवाओं ने बर्दीधारी परीक्षा में आयु सीमा बढ़ाने, आरक्षण कम करने और नियमावली में बदलाव की मांग भी उठाई। छतार में राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर युवाओं ने जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने की जिद की, जिसके बाद किसी तरह एसपी चंपावत अजय गणपति के समझाने पर जाम खोला गया। बाद में युवाओं ने डीएम कार्यालय पहुंचकर मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस दौरान भारी संख्या में छात्र-छात्राएं आंदोलन में शामिल हुए और प्रदर्शन के दौरान पुलिस व प्रशासन को युवाओं को शांत करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
लेखक- शुभम तिवारी (HNN24X7)

