Punjab Local Election : पंजाब में जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव के लिए मतदान संपन्न हो चुका है। कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह 8 बजे शुरू हुई वोटिंग शाम 4 बजे तक चली। मतों की गिनती 17 दिसंबर को होगी।
चुनाव की मुख्य जानकारी
राज्य में 22 जिला परिषदों के 347 जोन और 153 पंचायत समितियों के 2,838 जोन के सदस्य चुनने हैं। कुल 9 हजार से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में थे। करीब 1.36 करोड़ मतदाता वोट डालने के पात्र थे। सभी बड़े दल – आम आदमी पार्टी (आप), कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल (शिअद) और बीजेपी – के उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे थे।
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मुख्यमंत्री की जनता से अपील
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर पोस्ट कर मतदाताओं से घर से निकलकर बड़ी संख्या में वोट डालने की अपील की। कई मतदाता, खासकर बुजुर्ग और महिलाएं, सुबह-सुबह मतदान केंद्रों पर पहुंचे। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस, कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुद्दियां समेत कई मंत्रियों, विधायकों और पूर्व मंत्री सुरजीत सिंह रखरा ने सुबह ही वोट डाला।
प्रशासन ने किए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
शांतिपूर्ण मतदान के लिए कुल 18,224 मतदान केंद्र बनाए गए थे। करीब 44 हजार पुलिस कर्मी तैनात किए गए। राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव और पुलिस पर्यवेक्षक नियुक्त किए। आयोग ने कहा कि चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता है।
कुछ जगहों पर विवाद और बहिष्कार
कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने मुक्तसर के गिद्दरबाहा में एक मतदान केंद्र पर कब्जे का आरोप लगाया। उन्होंने उपद्रवियों पर एजेंटों को बाहर करने का दावा किया और पुलिस व चुनाव आयोग से शिकायत की। तरन तारन और फिरोजपुर में आप और अकाली दल कार्यकर्ताओं के बीच पत्थरबाजी हुई।
अमृतसर के कुछ गांवों में मतपत्रों में छपाई की गड़बड़ी के कारण मतदान स्थगित कर दिया गया। पटियाला के पांच गांवों में ग्रामीणों ने बहिष्कार किया क्योंकि उनके गांव को समाना की बजाय पतरान ब्लॉक में शामिल कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि समाना करीब है, जबकि पतरान 30 किमी दूर, जिससे सेवाएं पहुंचना मुश्किल होगा।
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शिअद ने फतेहगढ़ साहिब में आप उम्मीदवार पर मतदान से पहले मतपत्रों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर डालने का आरोप लगाया, जो आचार संहिता का उल्लंघन है। उन्होंने स्वतंत्र जांच की मांग की।
राजनीतिक दांव
सत्तारूढ़ आप ने भगवंत मान सरकार के कामों के आधार पर वोट मांगे। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि सरकार ने सरकारी तंत्र का इस्तेमाल कर उनके उम्मीदवारों के नामांकन रोकने और खारिज कराने की कोशिश की। बता दे कि यह चुनाव पंजाब की ग्रामीण राजनीति के लिए महत्वपूर्ण हैं। 17 नतीजे बताएंगे कि जनता का मूड किस ओर है।

