UP News : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जूपिटर हॉल में अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के समापन पर युवा सहकार सम्मेलन और यूपी को-ऑपरेटिव एक्सपो-2025 का भव्य उद्घाटन किया। इस 10 दिवसीय एक्सपो (21 से 31 दिसंबर तक) में सहकारी संस्थाओं के उत्पाद, नवाचार और ग्रामीण विकास के मॉडल प्रदर्शित किए जा रहे हैं। सीएम ने सहकारिता क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया और लघु एवं सीमांत किसानों के लिए बड़ी घोषणा की।

किसानों को मिलेगी बड़ी राहत
सीएम योगी ने कहा कि यूपी सहकारी ग्राम विकास बैंक में लोन का ब्याज दर करीब साढ़े 11 प्रतिशत है, जिससे किसानों पर बोझ पड़ता है। अब मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत लघु और सीमांत किसानों को लोन सिर्फ 6 प्रतिशत ब्याज पर मिलेगा। बाकी का ब्याज राज्य सरकार वहन करेगी। यह योजना किसानों को सस्ता कर्ज देकर उनकी आय बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगी।
पीएम मोदी की प्रेरणा से मजबूत हो रही सहकारिता
सीएम योगी ने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने पहली बार अलग सहकारिता मंत्रालय बनाया, जिसके मंत्री अमित शाह सहकारिता आंदोलन को नई ऊंचाई दे रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र ने 2025 को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किया है। सहकारिता आपसी विश्वास, सामाजिक समानता और आत्मनिर्भरता की गारंटी है। दुनिया की एक चौथाई सहकारी समितियां भारत में हैं, जिनमें 8.44 लाख से ज्यादा समितियां और 30 करोड़ सदस्य हैं।
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तकनीक से भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था
सीएम ने बताया कि पिछले 11 सालों में तकनीक के इस्तेमाल से जीवन आसान और व्यवस्था भ्रष्टाचार मुक्त बनी है। सहकारिता में डिजिटलीकरण, ई-गवर्नेंस और पारदर्शिता बढ़ी है। एम-पैक्स (बहुद्देश्यीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समितियां) से सदस्यता विस्तार, वित्तीय समावेशन और ग्रामीण विकास को बल मिला है।
यूपी में सहकारिता के बड़े कदम
योगी सरकार ने 2025 को सहकारिता वर्ष के रूप में मनाया:
26 जनवरी को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष का शुभारंभ और ‘रन फॉर कोऑपरेशन’ में हजारों की भागीदारी।
21 मार्च को यूपी स्टेट को-ऑपरेटिव लिमिटेड की एजीएम में 76 करोड़ रुपये का ऑनलाइन लाभांश वितरण।
6 जुलाई को केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय के स्थापना दिवस पर 266 ड्रोन दीदियों को प्रमाणपत्र।
सितंबर से नवंबर तक एम-पैक्स सदस्यता महाभियान में 24 लाख नए सदस्य और 43 करोड़ शेयर कैपिटल।
2023 में भी ऐसा अभियान चला, जिसमें 30 लाख नए सदस्य और 70 करोड़ शेयर कैपिटल मिला।
आज जिला सहकारी बैंकों में 2 लाख से ज्यादा खाते और 550 करोड़ रुपये की जमा।
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सीएम ने कहा कि पहले की सरकारों में सहकारी बैंक डूब रहे थे, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। जल्द ही ‘एक जिला, एक सहकारी बैंक’ का लक्ष्य हासिल होगा।
यह एक्सपो और सम्मेलन युवाओं को सहकारिता से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सहकारिता से गांव-गरीब-किसान सशक्त होंगे और यूपी आत्मनिर्भर बनेगा।

