Sambhal News, 18 जनवरी 2026 : उत्तर प्रदेश के संभल जिले के चंदौसी में स्थित एसएम डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दानवीर सिंह यादव ने छात्रों के सामने बेहद आपत्तिजनक और विवादित बयान दे दिया है। छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग लेकर पहुंचे छात्रों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, ‘लोग रेप छुपकर करते हैं, मैं खुलकर करता हूं। मैं बहुत फ्रैंक आदमी हूं। चंदौसी छोटी मानसिकता का शहर है।’ इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है। डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने प्राचार्य से स्पष्टीकरण मांगते हुए कहा है कि इस तरह का बयान किस आधार पर दिया गया।

घटना का पूरा क्रम
शनिवार को कोतवाली चंदौसी स्थित एसएम डिग्री कॉलेज में छात्र प्राचार्य डॉ. दानवीर सिंह के कार्यालय पहुंचे और लंबे समय से लंबित छात्रसंघ चुनाव तुरंत कराने की मांग की। इसी दौरान बातचीत में प्राचार्य ने खुद को ‘खुले दिल’ और ‘फ्रैंक’ बताते हुए विवादित टिप्पणी की। वीडियो में वे कहते सुनाई दे रहे हैं: ‘सबसे निगाह मिलाकर यहां आया हूं। मैं खुले दिल का हूं। मेरा खुला व्यक्तित्व है। दुष्कर्म जो करते हैं वह छुपकर करते हैं, मेरी तरह खुलकर कोई दुष्कर्म नहीं करता है। मैं बहुत फ्रैंकली कह रहा हूं। चंदौसी छोटी मानसिकता का शहर है। मैंने कभी अपने कॉलेज के छात्र-छात्राओं को घूमने के लिए मना नहीं किया, लेकिन बाहर वालों के साथ घूमने के लिए मना किया है।’
प्राचार्य पर पुराना गंभीर आरोप
डॉ. दानवीर सिंह यादव हाल ही में दोबारा प्राचार्य पद पर बहाल हुए हैं। इससे पहले फरवरी 2025 में एक दलित महिला असिस्टेंट प्रोफेसर ने उन पर यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म के प्रयास का गंभीर आरोप लगाया था। पीड़िता ने चंदौसी कोतवाली में FIR दर्ज कराई, जिसमें प्राचार्य और एक अन्य प्रोफेसर डॉ. प्रवीण कुमार पर शराब पिलाकर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाने का आरोप था। कॉलेज प्रबंधन समिति ने जांच के बाद दोनों को निलंबित किया और बाद में बर्खास्त भी कर दिया था। अप्रैल 2025 में अनियमितताओं के आरोप में बर्खास्तगी हुई, लेकिन जाम्भेश्वर विश्वविद्यालय के आदेश पर प्राचार्य बहाल हो गए। यह पुराना मामला नए बयान को और संदिग्ध बना रहा है।
मामले में डीएम ने तलब किया स्पष्टीकरण
कॉलेज का प्राधिकृत नियंत्रक डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया हैं। डीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राचार्य से तुरंत लिखित स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने कहा, ‘प्राचार्य का स्पष्टीकरण लिया जाएगा। आखिर उन्होंने इस तरह की बात किस आधार पर और किस संदर्भ में की।’जांच पूरी होने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
प्राचार्य की सफाई: ‘दुष्कर्म से मतलब बुरे कर्म से था’
विवाद बढ़ने पर प्राचार्य डॉ. दानवीर सिंह यादव ने सफाई देते हुए कहा, ‘मेरे कहने का मतलब यह था कि मैं आंख से आंख मिलाकर बात करता हूं। खुली किताब की तरह हूं। दुष्कर्म का मतलब बुरे कर्म से है।’ उन्होंने दावा किया कि बयान का गलत अर्थ निकाला गया और वे केवल अपनी खुली प्रकृति बता रहे थे।
छात्रों और समाज में आक्रोश
यह घटना महिला सुरक्षा, शिक्षा संस्थानों में आचरण और भाषा की संवेदनशीलता पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। छात्रों, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि प्राचार्य जैसे उच्च पद पर बैठे व्यक्ति से ऐसी भाषा बिल्कुल अस्वीकार्य है। विशेषज्ञों का मानना है कि जांच में वीडियो, छात्रों के बयान, पुराने आरोप और संदर्भ को शामिल किया जाना चाहिए। छात्रसंघ चुनाव की मांग अब और तेज हो गई है, लेकिन इस विवाद ने कॉलेज की छवि को गहरा नुकसान पहुंचाया है।
फिलहाल, मामले की जांच जारी है। डीएम के स्पष्टीकरण के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। एसएम डिग्री कॉलेज में छात्रों और शिक्षकों के बीच तनाव बढ़ गया है।
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