Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का साल का पहला ‘मन की बात’ एपिसोड था। ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 130वें एपिसोड में पीएम मोदी ने देशवासियों से अहम संदेश साझा किए। इस दौरान उन्होंने देश के गणतंत्र दिवस, भारतीय स्टार्टअप्स के योगदान, और मतदाता जागरूकता पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया, जिनमें जल संरक्षण, युवा मतदाताओं की भूमिका और भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने की आवश्यकता पर भी ध्यान केंद्रित किया।
गणतंत्र दिवस और संविधान का महत्व
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम की शुरुआत गणतंत्र दिवस के महत्व से की। उन्होंने कहा, ‘कल 26 जनवरी को हम अपना गणतंत्र दिवस मनाएंगे। इसी दिन हमारा संविधान लागू हुआ था। यह दिन हमें हमारे संविधान के संस्थापकों को याद करने और उन्हें श्रद्धांजलि देने का अवसर देता है।’ प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अपील की कि वे इस दिन को विशेष रूप से मनाने के साथ-साथ अपने संविधान और उसकी धाराओं के महत्व को समझें।
पहली बार वोटर बनने पर जश्न मनाने की अपील
प्रधानमंत्री ने युवाओं से अपील की कि जब कोई व्यक्ति पहली बार मतदाता बने, तो यह खुशी का मौका होना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘जैसे हम जन्मदिन मनाते हैं, वैसे ही जब कोई व्यक्ति पहली बार वोटर बने, तो उसे पूरे मोहल्ले, गांव या शहर में बधाई दी जानी चाहिए और मिठाई बांटी जानी चाहिए। इससे मतदान के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और वोट देने के महत्व का एहसास भी मजबूत होगा।’ प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि यह छोटे-छोटे कदम देश में लोकतंत्र के प्रति लोगों की निष्ठा और विश्वास को और भी मजबूत करेंगे।
भारतीय स्टार्टअप्स का गुणगान
प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय स्टार्टअप्स के क्षेत्र में हो रहे बदलावों की सराहना की। उन्होंने कहा, ‘आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। भारतीय स्टार्टअप्स हर क्षेत्र में काम कर रहे हैं-चाहे वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, बायोटेक्नोलॉजी, या सेमीकंडक्टर हो।’ प्रधानमंत्री ने उन युवाओं को सलाम किया जो स्टार्टअप्स से जुड़े हैं या अपना खुद का स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में जो भी उत्पाद बनाए जाते हैं, उनकी गुणवत्ता में सुधार लाना चाहिए। ‘हमारे उत्पादों का पर्याय ‘सर्वोत्तम गुणवत्ता’ होना चाहिए,’ उन्होंने कहा। इसके साथ ही, उन्होंने भारतीय उत्पादों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती के लिए गुणवत्ता को प्रमुख मानक बनाने की बात की।
जल संरक्षण की दिशा में अनंतपुर की पहल
प्रधानमंत्री ने आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले का उदाहरण दिया, जो कि भीषण सूखे से जूझ रहा है। उन्होंने बताया, ‘यहां की मिट्टी लाल और रेतीली है, जिसके कारण पानी की भारी कमी है। अनंतपुर के कई इलाकों में लंबे समय तक बारिश नहीं होती है।’ इस समस्या के समाधान के लिए स्थानीय समुदाय ने जलाशयों की सफाई का संकल्प लिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रशासन के सहयोग से ‘अनंत नीरू संरक्षणम परियोजना’ शुरू की गई है, जिसके तहत 10 से अधिक जलाशयों का जीर्णोद्धार किया गया है और 7,000 से अधिक पेड़ लगाए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस परियोजना का उद्देश्य जल संकट से निपटना और भविष्य में जल उपलब्धता को सुनिश्चित करना है। यह परियोजना एक उदाहरण बन चुकी है कि जब समुदाय मिलकर काम करता है, तो बड़ी समस्याओं का समाधान भी संभव है।
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