Bharat Bandh on 12th Feb: 12 फरवरी को बैंकों से जुड़े काम करने का सोच रहे हैं तो एक बार रुकिए, क्योंकि कल देशभर में भारत बंद का ऐलान किया गया है। इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा। साथ ही, कई सड़कों पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है। वहीं, स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर कुछ स्कूल और कॉलेज भी बंद रह सकते हैं। आइए जानते हैं कि भारत बंद का असर कहां-कहां दिखेगा।
क्यों हो रही है हड़ताल?
मजदूर संगठन पिछले साल लागू हुए चार नए श्रम कानूनों (लेबर कोड) के खिलाफ यह हड़ताल कर रहे हैं। उनका कहना है कि ये कानून मजदूरों के अधिकारों को कमजोर करते हैं, नौकरी की सुरक्षा कम करते हैं और कंपनियों के लिए कर्मचारियों को जब चाहे भर्ती या निकालना आसान बना देते हैं। इसके अलावा, सरकारी कंपनियों के निजीकरण, वेतन में कमी और सामाजिक सुरक्षा की कमी को लेकर भी यूनियनों ने चिंता जताई है।
यूनियनों की प्रमुख मांगें:
- चारों श्रम संहिताओं और नियमों को रद्द किया जाए।
- बीज विधेयक का मसौदा वापस लिया जाए।
- विद्युत संशोधन विधेयक को निरस्त किया जाए।
- परमाणु ऊर्जा से जुड़े कानूनों को वापस लिया जाए।
- मनरेगा (MGNREGA) को सही तरीके से लागू किया जाए।
- ग्रामीण रोजगार कानून को रद्द किया जाए।
कौन-कौन है शामिल?
10 सेंट्रल ट्रेड यूनियनों के जॉइंट फोरम ने इस हड़ताल का आह्वान किया है। इनमें INTUC, AITUC, HMS, CITU, AIUTUC, TUCC, SEWA, AICCTU, LPF और UTUC शामिल हैं। साथ ही, किसान संगठनों जैसे संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) और अखिल भारतीय किसान सभा (AIKS) ने भी इस हड़ताल का समर्थन किया है।
बैंकों पर असर:
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कामकाज प्रभावित होने की संभावना है। ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉईज एसोसिएशन (AIBEA), AIBOA और BEFI ने अपने सदस्यों से हड़ताल में शामिल होने का आग्रह किया है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने चेतावनी दी है कि 12 फरवरी को उनकी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। IDBI बैंक को भी हड़ताल के लिए नोटिस मिला है। हड़ताल के दौरान ब्रांच सेवाएं, चेक क्लियरेंस, डिपॉजिट और विड्रॉवल प्रभावित हो सकते हैं, हालांकि ऑनलाइन बैंकिंग और एटीएम सेवाएं सामान्य रूप से चलने की संभावना है। प्राइवेट बैंकों में सामान्य कामकाज की उम्मीद है।
परिवहन और अन्य सेवाओं पर असर:
प्रदर्शनों और रास्ता जाम की वजह से कुछ इलाकों में बसों और ट्रेनों जैसी सार्वजनिक सेवाओं पर असर पड़ सकता है। इस दौरान बाजार और दुकानें भी बंद रह सकती हैं। कई राज्यों में सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों की उपस्थिति कम हो सकती है। हालांकि, अस्पताल, एम्बुलेंस और हवाई अड्डे जैसी जरूरी सेवाएं पहले की तरह चालू रहेंगी।
शिक्षण संस्थान:
देशभर में स्कूल और कॉलेज बंद करने का कोई आधिकारिक आदेश नहीं आया है। हालांकि, केरल, कर्नाटक और ओडिशा जैसे राज्यों में पढ़ाई की जगहें बंद हो सकती हैं, यदि वहां की स्थानीय यूनियनें हड़ताल का समर्थन करती हैं या परिवहन सेवाएं बाधित होती हैं। माता-पिता और छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपने स्कूल या कॉलेज से मिलने वाली जानकारी पर ही भरोसा करें।
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