Food Delivery App: क्या आप भी Zomato और Swiggy से बार-बार खाना ऑर्डर करते हैं? अगर हां, तो अब फ्लिपकार्ट से भी खाना ऑर्डर कर पाएंगे। ई-कॉमर्स के दिग्गज फ्लिपकार्ट ने फूड डिलीवरी मार्केट में कदम रखने की योजना बनाई है। फ्लिपकार्ट, जो वॉलमार्ट के स्वामित्व में है, अब ऑनलाइन फूड डिलीवरी सर्विस शुरू करने का सोच रहा है।
पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत
फ्लिपकार्ट ने मई या जून में बेंगलुरु से अपने फूड डिलीवरी पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत करने का लक्ष्य रखा है। अगर सब ठीक रहा, तो कंपनी इस साल के अंत तक या अगले साल की शुरुआत में पूरे देश में अपनी फूड डिलीवरी सर्विस लॉन्च कर सकती है।
ओएनडीसी या अपना प्लेटफॉर्म?
फ्लिपकार्ट इस समय यह विचार कर रहा है कि वह ओएनडीसी (Open Network for Digital Commerce) प्लेटफॉर्म के जरिए फूड डिलीवरी सेवा शुरू करे या फिर अपना खुद का प्लेटफॉर्म तैयार करे। कंपनी इस विकल्प पर मंथन कर रही है और इस बात पर जोर दे रही है कि वह मार्केट में अपनी एक अलग पहचान बनाए।
फूड डिलीवरी मार्केट में बढ़ती प्रतिस्पर्धा
भारत का फूड डिलीवरी मार्केट तेजी से बढ़ रहा है। 2025 तक यह 9 अरब डॉलर का हो सकता है और 2030 तक यह 25 अरब डॉलर तक पहुंचने की संभावना है। फिलहाल, Zomato और Swiggy इस सेक्टर के सबसे बड़े खिलाड़ी हैं, लेकिन फ्लिपकार्ट को लगता है कि इस बाजार में अभी भी एक मजबूत प्लेयर बनने का मौका है। खासकर 10 मिनट में डिलीवरी की बढ़ती मांग ने इस सेक्टर को और आकर्षक बना दिया है।
क्विक डिलीवरी पर ध्यान:
फ्लिपकार्ट पहले से ही क्विक डिलीवरी सेवा पर काम कर रहा है। कंपनी ने ‘फ्लिपकार्ट मिनट्स’ नामक एक वर्टिकल शुरू किया है, जिसमें वह ग्रॉसरी और पका हुआ खाना जल्दी से डिलीवर करने की कोशिश कर रही है। फ्लिपकार्ट ने 800 से ज्यादा डार्क स्टोर्स (डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर्स) स्थापित किए हैं और आने वाले महीनों में इनकी संख्या बढ़ाने की योजना है।
फ्लिपकार्ट का लक्ष्य
फ्लिपकार्ट का उद्देश्य खुद को एक ‘सुपर ऐप’ के रूप में स्थापित करना है, जो कि खाने से लेकर ग्रॉसरी तक सभी सेवाएं प्रदान करे। इसके लिए कंपनी अपने आईपीओ (IPO) से पहले फ्लिपकार्ट मिनट्स जैसे वर्टिकल में निवेश कर रही है।
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