Fuel Price Hike Impact

Fuel Price Hike Impact: ऐप बेस्ड सर्विस से लेकर फल-सब्जियों तक… अब सब कुछ होगा महंगा, जानें वजह

Fuel Price Hike Impact: अगर आप रोजमर्रा के सामान के लिए ब्लिंकिट, जेप्टो या इंस्टामार्ट का इस्तेमाल करते हैं, या ऑफिस जाने के लिए ओला-उबर का इस्तेमाल करते हैं, तो अब आपको अपनी जेब थोड़ी ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी। हाल ही में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। इसका सीधा असर इन ऐप बेस्ड सर्विसेज और आपके घर के बजट पर पड़ने जा रहा है, क्योंकि इन कंपनियों का पूरा काम ईंधन (फ्यूल) पर ही टिका है।

विशेषज्ञों और एफएमसीजी (FMCG) कंपनियों का कहना है कि तेल महंगा होने से लॉजिस्टिक्स का खर्च बढ़ गया है, जिससे रोजमर्रा की चीजें धीरे-धीरे महंगी होने लगेंगी।

  1. ओला-उबर (Ola-Uber) का सफर होगा महंगा

अब तक आपको सिर्फ पीक ऑवर्स (भीड़भाड़ वाले समय) में ही कैब का ज्यादा किराया देना पड़ता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। पेट्रोल-डीजल महंगा होने से ड्राइवर्स की कमाई कम हो रही है। इस वजह से कंपनियां अब बेस किराया बढ़ाने की तैयारी में हैं। अब नॉर्मल टाइम में भी आपको 10 से 15% तक ज्यादा किराया देना पड़ सकता है। यानी जो राइड पहले 200 रुपये की थी, अब उसके लिए 220 से 230 रुपये चुकाने पड़ सकते हैं।

  1. जोमैटो-स्विगी से खाना मंगाना पड़ेगा भारी

फूड डिलीवरी ऐप्स के डिलीवरी पार्टनर्स दिनभर बाइक चलाकर खाना पहुंचाते हैं। पेट्रोल महंगा होने से उनकी जेब पर असर पड़ा है। अब कंपनियां उन्हें रोकने के लिए दूरी के हिसाब से ज्यादा पैसे देने पर विचार कर रही हैं। कंपनियों का यह बढ़ा हुआ खर्च आखिरकार डिलीवरी चार्ज या हैंडलिंग फीस के रूप में ग्राहकों से ही वसूला जाएगा।

  1. ब्लिंकिट-जेप्टो पर बदलेंगे फ्री डिलीवरी के नियम

अभी तक ये ऐप्स कम पैसों के ऑर्डर पर भी मुफ्त या बहुत कम डिलीवरी चार्ज लेते हैं। लेकिन अब फ्री डिलीवरी पाने के लिए आपको ज्यादा पैसों का सामान मंगाना पड़ सकता है। उदाहरण के लिए, जहां पहले 299 रुपये के ऑर्डर पर फ्री डिलीवरी मिल जाती थी, अब उसके लिए 499 रुपये तक का मिनिमम ऑर्डर करना पड़ सकता है। छोटे ऑर्डर पर ज्यादा डिलीवरी चार्ज देना होगा।

  1. पैकेटबंद सामान भी महंगा

बिस्कुट, स्नैक्स, नूडल्स और कोल्ड ड्रिंक्स बनाने वाली कंपनियों की ऑपरेशन कॉस्‍ट का 6 से 10% हिस्सा ट्रांसपोर्ट पर खर्च होता है। डीजल महंगा होने से इन चीजों के दाम बढ़ सकते हैं। अमूल और मदर डेयरी ने हाल ही में दूध के दाम 2 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ा दिए हैं। दूध महंगा होने से अब दही, मक्खन, पनीर, चीज़ और आइसक्रीम की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। भारत में फल-सब्जियों की सप्लाई पूरी तरह ट्रकों और सड़क परिवहन पर टिकी है। डीजल महंगा होने से मंडियों से शहरों तक माल लाना महंगा हो गया है, जिसका असर रसोई के बजट पर दिखेगा।

  1. खेती की लागत में इजाफा

किसान ट्रैक्टर, सिंचाई पंप और कटाई मशीनों के लिए पूरी तरह डीजल पर निर्भर हैं। डीजल महंगा होने से खेती का खर्च बढ़ जाएगा, जिससे आने वाले समय में फसलों और अनाज की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। इसका सबसे ज्यादा असर ग्रामीण परिवारों पर पड़ेगा।

क्या है कंपनियों का ‘प्लान-बी’?

इस महंगाई से बचने के लिए जोमैटो, स्विगी, ओला और ब्लिंकिट जैसी कंपनियां अब इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) अपनाने पर तेजी से काम कर रही हैं। कंपनियों का लक्ष्य है कि आने वाले कुछ सालों में उनके ज्यादातर वाहन इलेक्ट्रिक हो जाएं, ताकि पेट्रोल-डीजल के झंझट से राहत मिल सके। हालांकि, इस पूरे सिस्टम को तैयार होने में अभी समय लगेगा, तब तक महंगाई का यह बोझ ग्राहकों को ही उठाना होगा।

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