लखनऊ रिपोर्ट निखिल श्रीवास्तव एंकर / वी ओ लखनऊ में SC-ST वर्ग के किसानों की जमीन पर अवैध कब्जे और करोड़ों रुपये के कथित बैंक घोटाले का मामला सामने आया है। किसान नेता देवेंद्र तिवारी ने अमित तिवारी और संतोष तिवारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से निष्पक्ष जांच की मांग की है। किसान नेता देवेंद्र तिवारी का आरोप है कि अमित तिवारी और संतोष तिवारी ने बैंक अधिकारियों की कथित मिलीभगत से SC-ST किसानों की जमीनों पर अवैध कब्जा कर उन्हें बेच दिया।
उनका दावा है कि इस दौरान किसानों के बैंक खातों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी भी की गई। देवेंद्र तिवारी ने कहा कि उनके पास मामले से जुड़े दस्तावेज मौजूद हैं और उन्होंने पूरे प्रकरण की जानकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दे दी है। उन्होंने सरकार से निष्पक्ष जांच, जमीनों की बिक्री पर रोक और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
लखनऊ में SC-ST किसानों की जमीन पर अवैध कब्जे और करोड़ों रुपये के कथित बैंक घोटाले से जुड़े आरोपों ने प्रशासन और सरकार के सामने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। किसान नेता देवेंद्र तिवारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, जमीनों की बिक्री पर रोक और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। दूसरी ओर, आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और जांच की प्रक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
अब तक क्या-क्या सामने आया?
फिलहाल मामला आरोपों और शिकायतों के स्तर पर है। जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| स्थान | लखनऊ, उत्तर प्रदेश |
| शिकायतकर्ता | किसान नेता देवेंद्र तिवारी |
| आरोप | अवैध कब्जा और कथित बैंक घोटाला |
| आरोपित | अमित तिवारी और संतोष तिवारी |
| प्रमुख मांग | निष्पक्ष जांच और कार्रवाई |
फिरोजाबाद नगर निगम में टेंडर पर उठे सवाल, डिबार फर्मों को फिर मिले करोड़ों के ठेके
कौशांबी मजार विवाद: सैय्यद सालार हंस की मजार तोड़े जाने पर तेज हुई सियासत
FAQs
Q1. मामला किस जिले का है?
यह मामला उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से जुड़ा बताया गया है।
Q2. आरोप किसने लगाए हैं?
किसान नेता देवेंद्र तिवारी ने यह आरोप लगाए हैं।
Q3. आरोप किसके खिलाफ हैं?
अमित तिवारी और संतोष तिवारी पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
Q4. मुख्यमंत्री से क्या मांग की गई है?
निष्पक्ष जांच, जमीनों की बिक्री पर रोक और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।
Q5. क्या आरोपों की पुष्टि हो चुकी है?
नहीं। फिलहाल आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच की मांग की गई है।

