Pilibhit Flood Plain Zone देवहा नदी किनारे अवैध निर्माण पर प्रशासन की कार्रवाई सवालों के घेरे में

Pilibhit Flood Plain Zone: देवहा नदी किनारे अवैध निर्माण पर प्रशासन की कार्रवाई सवालों के घेरे में

बाढ़ जब भी आती है तबाही लेकर आती है, मकान, गाड़ी पेड़ पशु और इंसान हर कोई इसकी जद में आ जाता है। और बड़ी संख्या में लोगों की जान चली जाती है, और उसका दर्द एक नहीं कई पीढ़िया झेलती हैं। सरकार ने इस सुनामी से बचाने के लिए कई कड़े नियम भी बनाए है, जिसमें एक है फ्लड प्लेन जोन एरिया यानि जो नदी के किनारे का बाढग्रस्त एरिया है उस जगह पर किसी भी प्रकार का बिल्डिंग निर्माण न किया जाए और लोग बाढ़ क्षेत्र से दूर रहें।

दरअसल पीलीभीत की देवहा नदी जो पीलीभीत की लाइफ लाइन है बारिश के दिनों में जब इसमें बाढ़ आती है तो पीलीभीत शहर से सटे कई इलाके जलमग्न हो जाते है, उसमें एक जगह NH 730 और ईदगाह चौराहे से टाइगर तिराहे के बीच नदी के पास की भी है जो पूरी तरह से फ्लड प्लेन जोन में आती है यहां पर सरकारी आदेशों के अनुसार किसी भी हाल में कोई भी बिल्डिंग निर्माण नहीं किया जा सकता है। उसके बावजूद भी प्रशासन की नाक तले शहर के नामी व्यापारियों ने कई बड़ी बड़ी बिल्डिंगें और अपने गोदाम बना दिए है, यानि सरकार के आदेशों को सीधे सीधे चुनौती दे दी है यही नहीं प्रशासन को सब कुछ मालूम भी है फिर भी इस लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई कर बिल्डिंगों को ध्वस्त करने के बजाय नोटिस बाजी करने में जुटा है।

जबकि सिटी मजिस्ट्रेट विजय वर्धन तोमर से पूरा मामला जाना तो उन्होंने स्वीकार किया कि यह सभी निर्माण अवैध है, इन सभी बिल्डिंगों को गिराया जाना चाहिए, लेकिन ऐसा क्यों नहीं हुआ, तो पीछे जानकारी निकलकर आई की जो इस एरिया के जेई है उन्हें यह बहुत पहले से मालूम है, लेकिन उन्होंने प्रशासन के आलाधिकारियों को इसकी सूचना देना जरूरी नहीं समझा, इस बात को कहने में कोई गुरेज नहीं होगा कि कहीं न कहीं जेई की भी इसमें मिलीभगत हो सकती है, कोई इमारत किसी भी हाल में एक दिन में खड़ी नहीं हो सकती, उसे बनाने मे कई कई महीने और साल भी लग जाते है, फिर यहाँ तो एक नहीं दर्जनों बिल्डिंग और गोदाम कैसे बनकर तैयार हो गए, देखना यह होगा कि इस तरह की अवैध निर्माण पर प्रशासन द्वारा किया कार्रवाई की जाती है।

Flood Plain Zone vs Illegal Construction

फ्लड प्लेन का उद्देश्य लोगों और संपत्ति को बाढ़ के खतरे से सुरक्षित रखना है। यदि ऐसे क्षेत्रों में निर्माण होते हैं तो भविष्य में आपदा का जोखिम कई गुना बढ़ सकता है।

विषयफ्लड प्लेन नियमकथित अवैध निर्माण
उद्देश्यबाढ़ से सुरक्षाव्यावसायिक उपयोग
निर्माण अनुमतिसामान्यतः प्रतिबंधितआरोप के अनुसार निर्माण हुआ
जोखिमकमअधिक
प्रशासनिक कार्रवाईरोकथामनोटिस/कार्रवाई की मांग

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FAQs

Q1. फ्लड प्लेन जोन क्या होता है?
यह नदी के आसपास का वह क्षेत्र होता है जहां बाढ़ आने की संभावना अधिक रहती है और सामान्यतः निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध होता है।

Q2. फ्लड प्लेन में निर्माण क्यों प्रतिबंधित होता है?
ताकि लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और बाढ़ के प्राकृतिक बहाव में बाधा न आए।

Q3. पीलीभीत में विवाद किस क्षेत्र को लेकर है?
आरोप देवहा नदी के किनारे NH-730 से ईदगाह चौराहे और टाइगर तिराहे के बीच स्थित कथित फ्लड प्लेन क्षेत्र में निर्माण को लेकर हैं।

Q4. क्या प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की है?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार संबंधित अधिकारियों द्वारा नोटिस जारी किए जाने और मामले की जांच की बात सामने आई है।

Q5. यदि निर्माण अवैध साबित होते हैं तो क्या हो सकता है?
जांच के निष्कर्ष और लागू कानूनों के अनुसार संबंधित निर्माणों पर कार्रवाई तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं।

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