5 हेडलाइन विकल्प
- झारखंड छात्र आंदोलन पर सियासत तेज, BJP ने राहुल गांधी से सोरेन सरकार से समर्थन वापस लेने को कहा
- JPSC-JSSC विवाद: छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के बाद BJP का कांग्रेस पर दबाव, समर्थन वापसी की मांग
- छात्रों के प्रदर्शन से गरमाई झारखंड की राजनीति, BJP ने कांग्रेस को दी समर्थन वापसी की चुनौती
- रांची में छात्र-पुलिस टकराव के बाद BJP का प्रदर्शन, हेमंत सोरेन सरकार पर बढ़ा दबाव
- झारखंड भर्ती परीक्षा विवाद में नया मोड़, BJP ने राहुल गांधी से मांगा ‘सख्त कदम’
चुनी गई हेडलाइन
झारखंड छात्र आंदोलन पर सियासत तेज, BJP ने राहुल गांधी से सोरेन सरकार से समर्थन वापस लेने को कहा
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब सीधे सत्तारूढ़ गठबंधन की राजनीति के बीच पहुंच गया है। छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी द्वारा राज्य सरकार की आलोचना किए जाने के एक दिन बाद बीजेपी ने कांग्रेस और उसके नेता से हेमंत सोरेन सरकार से समर्थन वापस लेने की मांग की है। इस बीच झारखंड बीजेपी के नेताओं ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन कर सरकार पर दबाव बढ़ाने की कोशिश की।
मामला सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं है। 10 अगस्त को रांची में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का विधानसभा मार्च पुलिस कार्रवाई के बाद तनावपूर्ण हो गया था। पुलिस ने पानी की बौछार, आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों के पथराव में चार पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कार्रवाई में कई लोगों के घायल होने का दावा किया।
BJP का निशाना अब कांग्रेस पर
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी समेत पार्टी नेताओं ने 11 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास का घेराव किया। बीजेपी ने कथित भर्ती अनियमितताओं की CBI जांच और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठाई। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे बीजेपी नेताओं को हिरासत में लिया और बाद में उन्हें रिहा कर दिया।
साहू ने कांग्रेस और राहुल गांधी को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि यदि कांग्रेस छात्रों पर हुई कार्रवाई को गलत मानती है, तो उसे सोरेन सरकार से समर्थन वापस लेना चाहिए। यह मांग इसलिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि कांग्रेस झारखंड में हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार का हिस्सा है।
बीजेपी का तर्क है कि छात्र लंबे समय से भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच की मांग कर रहे हैं और सरकार उनकी मांगों का पर्याप्त समाधान नहीं कर पाई है। पार्टी ने इस मुद्दे को राज्य सरकार की जवाबदेही से जोड़ दिया है।
राहुल गांधी ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की, लेकिन…
राहुल गांधी ने 10 अगस्त को झारखंड में छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग को गलत बताया था। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों को अपनी बात रखने का अधिकार है और समाधान बातचीत के जरिए निकाला जाना चाहिए। उन्होंने राज्य सरकार से छात्रों की बात सुनने और उनकी समस्याओं का जल्द समाधान करने की अपील की।
यहीं से बीजेपी का राजनीतिक हमला शुरू होता है। बीजेपी का सवाल है कि अगर राहुल गांधी पुलिस कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं, तो कांग्रेस सरकार से समर्थन वापस लेने जैसा कदम क्यों नहीं उठाती।
हालांकि, राहुल गांधी की आलोचना और समर्थन वापसी के बीच सीधा राजनीतिक निर्णय लेना कांग्रेस का अपना फैसला है। अभी तक उपलब्ध रिपोर्टिंग में कांग्रेस की ओर से झारखंड सरकार से समर्थन वापस लेने की घोषणा सामने नहीं आई है।
असली विवाद छात्रों की भर्ती परीक्षाओं को लेकर
राजनीतिक टकराव के पीछे मूल मुद्दा सरकारी नौकरी की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का है। छात्र संगठन और अभ्यर्थी परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता, कथित गड़बड़ियों की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
यह आंदोलन 10 अगस्त को अपने 17वें दिन में प्रवेश कर चुका था। प्रदर्शनकारियों ने विधानसभा तक पहुंचने की कोशिश की और कई बैरिकेड पार कर लिए। बाद में वे विधानसभा के गेट नंबर 1 के पास धरने पर बैठ गए।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बीजेपी पर छात्रों को राजनीतिक लाभ के लिए गुमराह करने का आरोप लगाया और प्रदर्शनकारियों से बातचीत के जरिए अपनी शिकायतों का समाधान निकालने की अपील की। इससे साफ है कि सरकार आंदोलन को केवल कानून-व्यवस्था के मुद्दे के रूप में नहीं देख रही, बल्कि इसे राजनीतिक हस्तक्षेप से भी जोड़ रही है।
Sources Used
The Hindu — BJP asks Congress to withdraw support to Hemant Soren government — उपयोगकर्ता द्वारा दिया गया मूल स्रोत; पेज का प्रत्यक्ष पाठ इस सत्र में एक्सेस नहीं हो सका।
अब आगे क्या होगा?
अगला चरण तीन मोर्चों पर तय होगा—छात्रों की मांगों पर सरकार की कार्रवाई, कथित परीक्षा अनियमितताओं की जांच और सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति।
बीजेपी के लिए यह आंदोलन सरकार को घेरने का बड़ा मुद्दा बन चुका है। कांग्रेस के लिए चुनौती यह है कि वह अपने सहयोगी दल की सरकार में रहते हुए राहुल गांधी की पुलिस कार्रवाई संबंधी आलोचना और गठबंधन की जिम्मेदारी के बीच संतुलन कैसे बनाती है।
छात्रों के लिए हालांकि राजनीतिक बयानबाजी से ज्यादा अहम सवाल वही है जिससे आंदोलन शुरू हुआ था: भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया कितनी पारदर्शी है और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कब और किस तरीके से होगी।
जब तक इन सवालों पर स्पष्ट जवाब नहीं मिलता, झारखंड का छात्र आंदोलन राज्य की राजनीति में दबाव का एक महत्वपूर्ण केंद्र बना रह सकता है।
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