NEET परीक्षा विवाद के बाद युवाओं के बीच पार्टी की छवि को हुए नुकसान की भरपाई के लिए BJP की नई रणनीति
नई दिल्ली: हाल में NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सामने NextGen और Gen Z मतदाताओं को अपने राजनीतिक और वैचारिक दायरे से जोड़ने की चुनौती बढ़ गई है। पार्टी अब युवाओं के बीच अपनी पहुंच मजबूत करने और शिक्षा, रोजगार तथा अवसरों से जुड़े मुद्दों पर भरोसा कायम करने के लिए नए प्रयासों पर जोर दे रही है।
NEET परीक्षा को लेकर हुए विरोध के दौरान तत्कालीन शिक्षा मंत्री के पद पर बने रहने को लेकर भी सवाल उठे थे। पार्टी के भीतर यह आकलन किया जा रहा है कि इस पूरे घटनाक्रम से युवाओं के एक वर्ग के बीच BJP की विश्वसनीयता प्रभावित हुई है। युवा मतदाता पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक आधार हैं, इसलिए उन्हें दोबारा जोड़ना BJP की रणनीति में अहम माना जा रहा है।
युवाओं पर PM मोदी के संदेश का फोकस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से दिए अपने भाषण में युवाओं से जुड़े मुद्दों और उनकी आकांक्षाओं पर खास जोर दिया। उनके संदेश में यह दिखाने की कोशिश नजर आई कि सरकार शिक्षा, रोजगार और युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों को गंभीरता से ले रही है।
NEET विवाद की पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री की ओर से मुफ्त कोचिंग उपलब्ध कराने वाले ऑनलाइन नेटवर्क की घोषणा को भी इसी व्यापक युवा-केंद्रित रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। यदि इस योजना का प्रभावी तरीके से विस्तार होता है, तो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के उन छात्रों को फायदा मिल सकता है जो महंगी कोचिंग का खर्च नहीं उठा पाते।
यह पहल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों तक सरकारी सहायता पहुंचाने के साथ-साथ युवाओं के बीच केंद्र सरकार की योजनाओं और पिछले 12 वर्षों में युवाओं के लिए किए गए कार्यों की जानकारी पहुंचाने का माध्यम भी बन सकती है।
BJP शासित राज्यों में भी बढ़ाया जा रहा युवा संपर्क
केंद्र की रणनीति के साथ BJP शासित राज्यों में भी युवाओं तक पहुंच बढ़ाने की कोशिशें तेज होने की बात सामने आई है। अलग-अलग राज्यों में नई योजनाओं, बेहतर अवसरों, रोजगार की संभावनाओं और युवाओं की आकांक्षाओं से जुड़े प्रोत्साहनों पर जोर दिया जा रहा है।
पार्टी के लिए चुनौती केवल योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि यह भरोसा पैदा करना भी है कि शिक्षा और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार युवाओं की चिंताओं को समय पर सुनेगी और उनका समाधान करेगी।
छात्रों के लिए मुफ्त कोचिंग पर जोर
NEET विवाद के बाद मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग नेटवर्क की घोषणा को खास महत्व इसलिए दिया जा रहा है क्योंकि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में कोचिंग की लागत कई छात्रों के लिए बड़ी बाधा बनती है। ऐसे में ऑनलाइन माध्यम से मुफ्त या कम लागत वाली तैयारी की सुविधा आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए उपयोगी हो सकती है।
हालांकि, युवाओं के बीच राजनीतिक भरोसा केवल किसी एक योजना से तय नहीं होता। परीक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता, भर्ती प्रक्रिया में समयबद्धता, रोजगार के अवसर और छात्रों की शिकायतों पर सरकार की प्रतिक्रिया जैसे मुद्दे भी आने वाले समय में महत्वपूर्ण बने रहेंगे।
BJP के लिए Gen Z तक पहुंच बनाने की कोशिश इसलिए भी अहम है क्योंकि यह वर्ग सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अधिक सक्रिय है और शिक्षा, रोजगार तथा प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे मुद्दों पर तेजी से प्रतिक्रिया देता है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार की नई युवा-केंद्रित पहलें जमीन पर कितनी प्रभावी साबित होती हैं और क्या वे छात्रों के बीच पैदा हुई चिंताओं को दूर करने में सफल रहती हैं।
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