Dehradun Smart City – देहरादून में बारिश के दौरान सड़कों की बदहाल स्थिति और जलभराव को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता प्रतिमा सिंह ने आरोप लगाया कि देहरादून को स्मार्ट सिटी बनाने के नाम पर 1200 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए गए, लेकिन बारिश होते ही शहर की सड़कों और नालियों की स्थिति सरकार के दावों की पोल खोल देती है। उन्होंने कहा कि मानसून से पहले मुख्यमंत्री ने बैठक कर अधिकारियों को सड़कों की मरम्मत और नदी-नालों की सफाई के निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बावजूद शहर में जलभराव और सड़कें टूटने की समस्या बनी हुई है।
प्रतिमा सिंह ने क्लेमेंटाउन में दो सगी बहनों की मौत का जिक्र करते हुए कहा कि अगर शासन और प्रशासन समय रहते सक्रिय होता तो ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है और नियमों की अनदेखी की जा रही है। कांग्रेस प्रवक्ता ने मसूरी विधानसभा क्षेत्र की करनाल रोड की बदहाल स्थिति का भी हवाला देते हुए कहा कि बारिश के दौरान सड़क तोड़कर उस पर पत्थर लगाए गए, जिससे लोगों को आवाजाही में परेशानी हो रही है और उन्हें वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से स्मार्ट सिटी के कामों और सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर जवाब मांगा।
Congress ने किन मुद्दों पर सरकार को घेरा?
प्रतिमा सिंह ने कहा कि Smart City के अंतर्गत हुए विकास कार्यों की उपयोगिता बारिश के समय दिखाई देनी चाहिए। अगर सड़कों पर पानी भर रहा है, नालियां overflow हो रही हैं और मरम्मत के तुरंत बाद सड़कें टूट रही हैं, तो निर्माण गुणवत्ता तथा monitoring system की समीक्षा जरूरी है।
- बारिश में कई सड़कों पर जलभराव
- नालों की सफाई पर उठे सवाल
- सड़क निर्माण की quality जांच की मांग
- खर्च का updated विवरण सार्वजनिक करने की मांग
- जिम्मेदार एजेंसियों की accountability तय करने पर जोर
Smart City के दावे और Ground Reality
Smart City का उद्देश्य केवल सड़कों का सौंदर्यीकरण नहीं, बल्कि बेहतर drainage, सुरक्षित यातायात और technology-based civic management भी है। बारिश के समय सामने आने वाली परेशानियों के आधार पर परियोजनाओं के परिणाम का स्वतंत्र assessment जरूरी है।
| विषय | उपलब्ध तथ्य या दावा | स्थिति |
|---|---|---|
| Smart City निर्धारित बजट | ₹1,000 करोड़ | CAG audit में उल्लेख |
| Audit period में जारी राशि | ₹737.50 करोड़ | रिपोर्ट के अनुसार |
| 2022-23 तक दर्ज खर्च | ₹634.11 करोड़ | CAG आधारित आंकड़ा |
| ₹1,200 करोड़ से अधिक खर्च | कांग्रेस का दावा | Updated पुष्टि जरूरी |
| क्लेमेंटाउन हादसा | दो सगी बहनों की मौत | घटना की पुष्टि |
| करनाल रोड का उल्लेख | संभवतः Canal Road | स्थान की आधिकारिक पुष्टि जरूरी |
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FAQs:Dehradun Smart City पर कांग्रेस के सवाल
1. Dehradun Smart City पर कांग्रेस ने क्या आरोप लगाए हैं?
कांग्रेस ने जलभराव, टूटी सड़कों, नालियों की स्थिति और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सरकार से जवाब मांगा है।
2. क्या Smart City पर ₹1,200 करोड़ खर्च होने की पुष्टि हुई है?
इस exact actual expenditure की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई। CAG आधारित रिपोर्ट में 2022-23 तक ₹634.11 करोड़ खर्च दर्ज है।
3. क्लेमेंटाउन में दो बहनों के साथ क्या हुआ था?
30 जुलाई 2026 को भारी बारिश के दौरान दो सगी बहनें बरसाती नाले में बह गई थीं और उनकी मौत हो गई थी।
4. बयान में करनाल रोड से किस सड़क का मतलब है?
संभवतः इसका आशय Canal Road से है, लेकिन संबंधित स्थान की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।
5. जलभराव रोकने के लिए क्या कदम जरूरी हैं?
नालों की नियमित सफाई, storm-water mapping, खुले नालों की barricading, बेहतर road restoration और real-time monitoring जरूरी है।

