Harit Doon Plantation Drive – पर्यावरण संरक्षण, हरियाली संवर्धन और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित भविष्य का संदेश देते हुए देहरादून में “हरित दून” का संकल्प लेकर “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत व्यापक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। विभिन्न संस्थाओं, 127 इन्फैंट्री टेरिटोरियल आर्मी गढ़वाल राइफल्स और जिला अभियान निदेशालय, देहरादून ने संयुक्त रूप से नालापानी स्थित निजी स्कूल के आसपास खाली पड़ी जमीन, सड़क किनारे और नदी किनारे पौधारोपण किया। कार्यक्रम में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन आयोग और मिशन ग्रीन का भी सहयोग रहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कर्नल प्रतुल थपलियाल, लेफ्टिनेंट कर्नल मोहित जोशी तथा गिरीश चंद्र पंचोली, संयुक्त निदेशक अभियोजन, एस.एस. वैश्य, सेवानिवृत्त वन अधिकारी, सुरिंदर पाल सिंह अहलूवालिया, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष (पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन आयोग) की गरिमामयी उपस्थिति रही। वहीं जे.पी. नौटियाल, अध्यक्ष, DDCP एवं कल्पना गुप्ता, प्रधानाचार्या, DDCP ने कार्यक्रम के आयोजन एवं संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
देहरादून के नालापानी क्षेत्र में हरित दून एक पेड़ माँ के नाम अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ समाज में हरियाली के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। कार्यक्रम में 127 इन्फैंट्री टेरिटोरियल आर्मी गढ़वाल राइफल्स की टीम ने विशेष भूमिका निभाई और वृक्षारोपण अभियान में प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। अभियान के दौरान खाली पड़ी जमीन, सड़क किनारे और नदी किनारे उपयुक्त स्थानों पर पौधे लगाए गए। करीब 200 पौधों का रोपण किया गया, जिसमें आंवला, नीम, बेलपत्र, जामुन, बहेड़ा, हरड़ और पीपल सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे शामिल रहे।
इस दौरान स्कूल में पौधारोपण को लेकर जन-जागरूकता और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पर्यावरण संरक्षण को लेकर आयोजित जागरूकता सत्र में बच्चों ने भाषण, कविता और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया। विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी ली। उन्होंने पेड़-पौधों की रक्षा, जल एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, स्वच्छता बनाए रखने और समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। मिशन ग्रीन के तहत आयोजित इस अभियान में केवल पौधे लगाने पर ही जोर नहीं दिया गया, बल्कि लगाए गए पौधों के संरक्षण और नियमित देखभाल को भी अभियान का अहम हिस्सा बताया गया।
Plantation Drive की Key Highlights क्या रहीं?
नालापानी क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों और स्थानीय समुदाय में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी रहा। आर्मी के सदस्यों, सामाजिक संस्थाओं, अधिकारियों और विद्यार्थियों ने अभियान में भागीदारी की तथा लगाए गए पौधों की सुरक्षा का संदेश दिया।
- करीब 200 पौधों का रोपण किया गया।
- खाली जमीन और सड़क किनारे पौधे लगाए गए।
- नदी किनारे उपयुक्त स्थानों को चुना गया।
- कई स्थानीय प्रजातियों के पौधे शामिल रहे।
- विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली।
Campaign Activities vs संदेश: कार्यक्रम में क्या हुआ?
वृक्षारोपण अभियान को केवल plantation activity तक सीमित नहीं रखा गया। इसमें विद्यार्थियों के लिए जागरूकता सत्र, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी शामिल रही। कार्यक्रम के प्रमुख हिस्सों को नीचे समझा जा सकता है।
| कार्यक्रम का हिस्सा | आयोजित गतिविधि | प्रमुख संदेश |
|---|---|---|
| वृक्षारोपण | करीब 200 पौधे लगाए गए | हरियाली बढ़ाना |
| जन-जागरूकता | पर्यावरण संरक्षण सत्र | प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी |
| सांस्कृतिक कार्यक्रम | भाषण, कविता और प्रस्तुतियां | विद्यार्थियों की भागीदारी |
| सामूहिक शपथ | जल, पेड़ और संसाधनों की रक्षा | संरक्षण का संकल्प |
| पौधों की देखभाल | नियमित सुरक्षा पर जोर | Plantation के बाद maintenance |
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FAQs: Harit Doon Plantation Drive
1. वृक्षारोपण कार्यक्रम कहां आयोजित हुआ?
कार्यक्रम देहरादून के नालापानी क्षेत्र में आयोजित किया गया।
2. अभियान के दौरान कितने पौधे लगाए गए?
आयोजकों के अनुसार करीब 200 पौधों का रोपण किया गया।
3. कौन-कौन से पौधे लगाए गए?
आंवला, नीम, बेलपत्र, जामुन, बहेड़ा, हरड़ और पीपल सहित कई प्रजातियों के पौधे लगाए गए।
4. अभियान में किस सैन्य इकाई ने भाग लिया?
127 इन्फैंट्री बटालियन टेरिटोरियल आर्मी गढ़वाल राइफल्स की टीम ने भागीदारी की।
5. विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में क्या किया?
विद्यार्थियों ने भाषण, कविता और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं तथा पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली।

