Giridih ACB Trap 2026: ₹30 हजार रिश्वत लेते Cyber थाना के SI गिरफ्तार, Case Diary के नाम पर मांगी थी घूस

Giridih ACB Trap 2026: ₹30 हजार रिश्वत लेते Cyber थाना के SI गिरफ्तार, Case Diary के नाम पर मांगी थी घूस

Giridih ACB Trap 2026 – गिरिडीह केस डायरी मैनेज करने के लिए मांगी थी घूस, ACB ने 30 हजार रुपए लेते सब इंस्पेक्टर को दबोचा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने बुधवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरिडीह साइबर थाना में तैनात सब-इंस्पेक्टर,भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने बुधवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरिडीह साइबर थाना में तैनात सब-इंस्पेक्टर पुनीत कुमार गौतम को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी दारोगा के खिलाफ यह कार्रवाई आवेदक जीवलाल मंडल की शिकायत पर की गई है.

केस डायरी भेजने के नाम पर मांगी थी घूस जानकारी के अनुसार, आवेदक जीवलाल मंडल ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी कि गिरिडीह साइबर थाना कांड संख्या 24/26 के सिलसिले में कोर्ट में केस डायरी भेजने के एवज में सब-इंस्पेक्टर पुनीत कुमार गौतम द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी. पीड़ित रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने मामले की लिखित शिकायत एसीबी से की.

सत्यापन के बाद ACB धावा दल ने बिछाया जाल शिकायत मिलने के बाद ACB की टीम ने अपने स्तर से मामले का गोपनीय सत्यापन कराया. सत्यापन के दौरान आवेदक द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए गए. इसके बाद एसीबी की टीम ने एक विशेष धावा दल का गठन किया और आरोपी पुलिस अधिकारी को रंगे हाथ पकड़ने के लिए रणनीति तैयार की.

रंगे हाथ पकड़ा गया सब-इंस्पेक्टर योजना के तहत, जैसे ही आवेदक जीवलाल मंडल ने आरोपी सब-इंस्पेक्टर पुनीत कुमार गौतम को रिश्वत के 30 हजार रुपये सौंपे, पहले से घात लगाकर बैठी एसीबी की टीम ने दबिश देकर उसे रंगे हाथ धर दबोचा. गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम आरोपी सब-इंस्पेक्टर को अपने साथ ले गई, जहां उनसे आगे की पूछताछ की जा रही है. इस कार्रवाई से पुलिस महकमे और साइबर थाना परिसर में हड़कंप मच गया है.

गिरिडीह में भ्रष्टाचार के खिलाफ बुधवार को बड़ी कार्रवाई सामने आई है। Giridih ACB Trap 2026 के तहत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो यानी ACB की टीम ने गिरिडीह साइबर थाना में तैनात सब-इंस्पेक्टर पुनीत कुमार गौतम को कथित तौर पर ₹30 हजार रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई जीवलाल मंडल की शिकायत के बाद की गई। आरोप है कि गिरिडीह साइबर थाना कांड संख्या 24/2026 से जुड़ी case diary न्यायालय भेजने के बदले पैसे की मांग की जा रही थी।

यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि case diary किसी criminal investigation का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। इसमें जांच के दौरान सामने आए facts, evidence, statements और investigating officer द्वारा की गई कार्रवाई का रिकॉर्ड होता है। ऐसे में यदि किसी मामले में case diary को अदालत भेजने जैसे official काम के बदले पैसे मांगने का आरोप सामने आता है, तो यह सीधे police accountability और investigation की निष्पक्षता से जुड़ा सवाल बन जाता है।

मामले में शिकायतकर्ता ने कथित रिश्वत देने के बजाय ACB से संपर्क करने का फैसला किया। शिकायत मिलने के बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने पहले allegations का verification किया। जानकारी के मुताबिक सत्यापन के दौरान शिकायत में लगाए गए आरोप prima facie सही पाए जाने के बाद trap की तैयारी की गई। इसके बाद एक विशेष धावा दल गठित कर पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

Background records भी बताते हैं कि Giridih Cyber Police Station Case No. 24/2026 अगस्त 2026 में दर्ज हुआ था। उस मामले की कार्रवाई में पुलिस अधिकारी पुनित/पुनीत गौतम का नाम raid team के सदस्यों में दर्ज किया गया था। रिपोर्ट में इस केस में संतोष मंडल, पिता जीवलाल मंडल, समेत दो लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी दी गई थी। (Samridh Jharkhand)

बताया जा रहा है कि तय योजना के मुताबिक शिकायतकर्ता ने जैसे ही ₹30 हजार की राशि सब-इंस्पेक्टर को दी, मौके पर मौजूद ACB team ने कार्रवाई कर उन्हें पकड़ लिया। इसके बाद अधिकारी को ACB अपने साथ ले गई और आगे की पूछताछ तथा कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई। हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि रिश्वत मांगने और स्वीकार करने के आरोपों की अंतिम कानूनी पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

Giridih ACB Trap 2026 में पूरा मामला क्या है?

इस कार्रवाई की शुरुआत जीवलाल मंडल की शिकायत से हुई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि Cyber थाना से जुड़े एक मामले की case diary अदालत भेजने के लिए ₹30 हजार मांगे जा रहे थे। शिकायतकर्ता ने रकम देने के बजाय Anti Corruption Bureau को मामले की जानकारी दी, जिसके बाद verification और trap की प्रक्रिया आगे बढ़ी।

  • शिकायतकर्ता: जीवलाल मंडल
  • आरोपी अधिकारी: SI पुनीत कुमार गौतम
  • Posting: Giridih Cyber Police Station
  • कथित रिश्वत राशि: ₹30,000
  • मामला: Cyber थाना कांड संख्या 24/2026

ACB ने कैसे बिछाया Trap? Verification के बाद हुई कार्रवाई

Anti Corruption Bureau की trap proceedings आमतौर पर शिकायत के सत्यापन से शुरू होती हैं। इस मामले में भी प्राप्त जानकारी के अनुसार complainant की ओर से लिखित शिकायत दिए जाने के बाद ACB अधिकारियों ने आरोपों की preliminary verification की। जब शिकायत में बताए गए facts की पुष्टि होने की बात सामने आई, तब टीम ने आरोपी अधिकारी को कथित तौर पर रिश्वत स्वीकार करते हुए पकड़ने की योजना तैयार की।

इसके बाद complainant को तय प्रक्रिया के तहत आरोपी अधिकारी के पास भेजा गया। जैसे ही कथित रूप से ₹30 हजार का transaction हुआ, मौके पर पहले से मौजूद ACB धावा दल ने intervention किया और सब-इंस्पेक्टर को पकड़ लिया।

झारखंड पुलिस की official website पर Anti Corruption Bureau के लिए अलग contact और complaint व्यवस्था उपलब्ध है। भ्रष्टाचार संबंधी शिकायत के लिए ACB का WhatsApp और helpline number भी official portal पर दिया गया है।

  • Complaint मिलने के बाद verification किया गया।
  • आरोप सही पाए जाने पर trap team तैयार की गई।
  • ₹30 हजार के alleged transaction पर कार्रवाई हुई।
  • इसके बाद पूछताछ और आगे की legal process शुरू की गई।

Complaint से Arrest तक: पूरा Timeline समझें

इस केस में शिकायत से लेकर trap तक कई stages शामिल रहे। हालांकि जांच आगे बढ़ने के साथ कुछ details और स्पष्ट हो सकती हैं।

Stageक्या हुआ?Status
शिकायतजीवलाल मंडल ने ACB को शिकायत दीReported
आरोपCase Diary भेजने के बदले ₹30 हजार मांगने का आरोपजांच के अधीन
VerificationACB ने शिकायत की जांच कीआरोप सही मिलने की जानकारी
TrapACB ने धावा दल तैयार कियाकार्रवाई की गई
कथित रिश्वत₹30,000बरामदगी की जानकारी
SI पर Actionपुनीत कुमार गौतम को पकड़ा गयाआगे की प्रक्रिया जारी
Final Liabilityजांच और कोर्ट प्रक्रिया से तय होगीPending

Case Diary वाला Angle क्यों है Important?

इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू case diary है। Criminal investigation में case diary investigating officer द्वारा तैयार किया जाने वाला महत्वपूर्ण record होता है। इसमें investigation के दौरान किए गए steps और संबंधित developments दर्ज होते हैं। इसलिए अदालत में diary भेजने जैसी official procedure में किसी प्रकार की कथित रिश्वत की मांग का आरोप बेहद गंभीर माना जाता है।

इस मामले से जुड़ा Cyber थाना कांड संख्या 24/2026 पहले भी सार्वजनिक रिपोर्टिंग में सामने आ चुका है। अगस्त की रिपोर्ट के मुताबिक यह मामला cyber fraud से जुड़ा था और उस समय पुलिस टीम में पुनित गौतम भी शामिल थे।

अब ACB की कार्रवाई के बाद focus इस बात पर रहेगा कि investigation में alleged demand, transaction और अन्य evidence को लेकर क्या निष्कर्ष सामने आते हैं।

  • Case diary criminal investigation का अहम record है।
  • Court process में इसकी भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
  • Official work के बदले रिश्वत का आरोप serious misconduct का मामला बन सकता है।
  • Final criminal responsibility court proceedings के बाद तय होगी।

Giridih ACB Action ने Police Department में बढ़ाई हलचल

Giridih ACB Trap 2026 ने जिले में भ्रष्टाचार और police accountability के मुद्दे को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार Cyber थाना में तैनात सब-इंस्पेक्टर पुनीत कुमार गौतम पर case diary अदालत भेजने के बदले ₹30 हजार की रिश्वत मांगने का आरोप लगा और शिकायत मिलने के बाद ACB ने trap action किया।

इस कार्रवाई का सबसे अहम हिस्सा यह है कि complainant ने कथित रिश्वत देने की मांग के सामने झुकने के बजाय Anti Corruption Bureau से शिकायत की। ऐसी शिकायतों के लिए झारखंड पुलिस ने official ACB helpline और contact mechanism उपलब्ध कराया हुआ है।

अब आगे ACB की investigation, बरामदगी से जुड़े documents, statements और अन्य evidence अहम होंगे। साथ ही यह भी साफ होगा कि मामले में departmental action किस स्तर तक जाता है।

SOURCE LINK – https://samridhjharkhand.com/state/jharkhand/giridih/crime-news-big-action-by-giridih-police-two-accused-of/article-25366?

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FAQs:Giridih ACB Trap 2026

Q1. गिरिडीह में ACB ने किस पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की?
प्राप्त जानकारी के अनुसार गिरिडीह Cyber थाना में तैनात SI पुनीत कुमार गौतम के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

Q2. कितने रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है?
अधिकारी पर ₹30 हजार की कथित रिश्वत लेने का आरोप है।

Q3. रिश्वत किस काम के लिए मांगी गई थी?
आरोप है कि Cyber थाना कांड संख्या 24/2026 की case diary अदालत भेजने के एवज में रकम मांगी गई थी।

Q4. शिकायत किसने की थी?
मामले में शिकायतकर्ता का नाम जीवलाल मंडल बताया गया है।

Q5. क्या अधिकारी दोषी साबित हो गए हैं?
नहीं। ACB की कार्रवाई और गिरफ्तारी आरोपों की जांच का हिस्सा है। अंतिम दोषसिद्धि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगी

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