एमसीडी ने बनाया आठवां अजूबा! एम्स के सामने कचरे का अंबार, सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल

एमसीडी ने बनाया आठवां अजूबा! एम्स के सामने कचरे का अंबार, सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल

एमसीडी। राजधानी दिल्ली के साउथ एक्सटेंशन पार्ट-1 में एम्स गेट नंबर-6 के ठीक बाहर कचरे का अंबार लगा होने से स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ गई है। देश के प्रमुख अस्पतालों में शामिल एम्स के ठीक सामने सड़क किनारे बड़ी मात्रा में कचरा जमा होने से सफाई व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद कचरे की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है।

लोगों का कहना है कि अस्पताल के आसपास सफाई व्यवस्था बेहतर होनी चाहिए, लेकिन एम्स गेट के बाहर जमा कचरे के कारण यहां आने-जाने वाले लोगों के साथ आसपास रहने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कचरे से दुर्गंध फैलने के साथ इलाके के वातावरण पर भी इसका असर पड़ रहा है।

एम्स गेट नंबर-6 के बाहर लगा कचरे का अंबार

साउथ एक्सटेंशन पार्ट-1 में एम्स गेट नंबर-6 के ठीक बाहर सड़क किनारे कचरा जमा होने की शिकायत सामने आई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यहां नियमित रूप से कचरा जमा होता है और कुछ समय बाद इसका ढेर बढ़ता जाता है।

अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में मरीज, तीमारदार और अन्य लोग आते-जाते हैं। ऐसे में कचरे का ढेर लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान के बाहर सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

कचरा न फेंकने का बैनर लगाने के बाद भी समस्या

स्थानीय लोगों के मुताबिक, कचरा फेंकने की समस्या को रोकने के लिए एमसीडी की ओर से यहां बैनर भी लगाया गया था। बैनर पर लोगों से कचरा नहीं फेंकने की अपील की गई थी।

हालांकि, लोगों का आरोप है कि बैनर लगाए जाने के कुछ समय बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो गई। स्थानीय लोगों ने दावा किया कि यहां दोबारा कचरा जमा होने लगा। कुछ लोगों ने तो यह भी आरोप लगाया कि एमसीडी के कर्मचारी भी यहां कचरा डालते हैं। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

एनजीटी के आदेश के बावजूद कचरे को लेकर सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पतालों के आसपास कचरा न फेंके जाने को लेकर पहले भी निर्देश और शिकायतें सामने आती रही हैं। उनका आरोप है कि इसके बावजूद एम्स के गेट के ठीक सामने कचरे का ढेर जमा होना प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है।

लोगों का कहना है कि अस्पताल के आसपास गंदगी से मरीजों और उनके परिजनों को भी परेशानी हो सकती है। ऐसे स्थान पर साफ-सफाई बनाए रखना जरूरी है, ताकि लोगों को किसी तरह की असुविधा न हो।

कचरे के कारण स्थानीय लोगों की बढ़ी परेशानी

स्थानीय निवासियों का कहना है कि कचरे के ढेर के कारण आसपास रहना मुश्किल हो रहा है। गंदगी के कारण दुर्गंध और अस्वच्छ वातावरण की समस्या बनी हुई है।

लोगों के मुताबिक, उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार प्रशासन और संबंधित विभाग से शिकायत की है। उनका कहना है कि शिकायतों के बावजूद कचरे के अंबार को हटाने और दोबारा कचरा जमा होने से रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।

स्थानीय लोगों की मांग है कि सिर्फ कचरा उठाने के बजाय ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे यहां दोबारा कचरा जमा न हो।

शाम होते ही कचरे के पास पहुंचती हैं गायें

स्थानीय लोगों ने कचरे के ढेर से जुड़ी एक और समस्या की ओर ध्यान दिलाया। उनका कहना है कि शाम के समय कई गायें कचरे के ढेर के पास पहुंचती हैं और उसमें से खाना तलाशती हैं।

लोगों के अनुसार, सड़क पर गायों की आवाजाही बढ़ने से वाहन चालकों को भी परेशानी होती है। विशेषकर व्यस्त सड़क पर अचानक सड़क पर आने वाली गायों के कारण दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कचरे का उचित निस्तारण होने से आवारा पशुओं के यहां पहुंचने की समस्या को भी कम किया जा सकता है।

प्रशासन और एमसीडी से कार्रवाई की मांग

स्थानीय लोगों ने एमसीडी और प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि एम्स जैसे बड़े अस्पताल के सामने साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था होना जरूरी है।

लोग चाहते हैं कि कचरे के ढेर को तत्काल हटाया जाए और भविष्य में यहां कचरा जमा न हो, इसके लिए निगरानी और नियमित सफाई की व्यवस्था की जाए। इसके अलावा कचरा फेंकने वालों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई करने की मांग भी की जा रही है।

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निष्कर्ष

साउथ एक्सटेंशन पार्ट-1 में एम्स गेट नंबर-6 के बाहर कचरे का अंबार स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने और कचरा न फेंकने का बैनर लगाए जाने के बावजूद समस्या दोबारा सामने आ जाती है। कचरे के कारण गंदगी और दुर्गंध के साथ सड़क पर गायों के पहुंचने से यातायात और सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। अब स्थानीय लोगों की मांग है कि एमसीडी केवल कचरा उठाने तक सीमित न रहे, बल्कि यहां दोबारा कचरा जमा न हो इसके लिए स्थायी व्यवस्था करे।

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FAQs

1. एम्स के सामने कचरे की समस्या कहां सामने आई है?
कचरे का अंबार दिल्ली के साउथ एक्सटेंशन पार्ट-1 में एम्स गेट नंबर-6 के ठीक बाहर होने की जानकारी सामने आई है।

2. स्थानीय लोगों को कचरे से क्या परेशानी हो रही है?
लोगों के अनुसार, कचरे से गंदगी और दुर्गंध की समस्या बनी हुई है और आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी हो रही है।

3. क्या कचरा न फेंकने के लिए कोई बैनर लगाया गया था?
स्थानीय लोगों के अनुसार, एमसीडी की ओर से कचरा न फेंकने की अपील वाला बैनर लगाया गया था, लेकिन इसके बावजूद दोबारा कचरा जमा होने लगा।

4. कचरे के पास गायों के पहुंचने से क्या समस्या है?
स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम के समय गायें कचरे में खाना तलाशने पहुंचती हैं और सड़क पर उनकी आवाजाही से वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है।

5. स्थानीय लोगों ने क्या मांग की है?
लोगों ने कचरे का तत्काल निस्तारण करने, नियमित सफाई कराने और दोबारा कचरा जमा न हो इसके लिए स्थायी व्यवस्था बनाने की मांग की है।

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