उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखपुर में बाढ़, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि और चक्रवात से प्रभावित किसानों को कृषि निवेश अनुदान के रूप में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 493 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि पिछले एक सप्ताह में प्रदेश में बड़े पैमाने पर फसलों को नुकसान पहुंचा है और कई स्थानों पर जनहानि तथा पशुहानि भी हुई है। उन्होंने कहा कि ‘डबल इंजन’ की सरकार ने मात्र आठ से 10 दिन के भीतर किसानों को फसल, मकान और पशुधन की क्षति का मुआवजा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है।
यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए सरकार के प्रयासों का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष बारिश के दौरान अब तक प्रदेश के आपदा प्रभावित किसानों और नागरिकों को लगभग एक हजार करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जा चुके हैं। आदित्यनाथ ने कहा कि अतिवृष्टि, चक्रवात और बाढ़ से जिन लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत एक लाख 20 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता दी गई है।
यह राशि 493 करोड़ रुपये की फसल क्षति सहायता से अलग है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के मकान पूरी तरह बह गए या नष्ट हो गए हैं, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत तत्काल आवास उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए भी नियमानुसार मुआवजा दिया जा रहा है।
पशुहानि के मामलों में भी सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। जनहानि होने पर संबंधित परिवार को 24 घंटे के भीतर चार लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। आदित्यनाथ ने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण के आधार पर जिन जिलों की सर्वेक्षण रिपोर्ट सरकार को मिली, वहां किसानों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई गई है।
यह राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया गया है कि सहायता राशि के वितरण में कोई बिचौलिया न हो और पूरी राशि सीधे किसानों तक पहुंचे। यदि किसी किसान के लिए 25 हजार रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई है, तो उसके खाते में पूरी राशि यानी 25 हजार रुपये ही भेजे जाएंगे।

