Asian Para Games 2026: Indian archer Sheetal Devi wins two gold medals; Swati Chaudhary becomes the first Indian to win a medal in the W1 category.

एशियाई पैरा खेल 2026-भारत की तीरंदाज शीतल देवी ने जीते दो गोल्ड, स्वाति चौधरी W1 श्रेणी में पदक जीतने वाली पहली भारतीय बनीं

एशियाई पैरा खेलों में भारत की तीरंदाज शीतल देवी ने महिलाओं की कंपाउंड व्यक्तिगत और मिश्रित टीम स्पर्धा में दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए। वहीं डब्ल्यू1 श्रेणी में स्वाति चौधरी ने रजत पदक जीतकर इस वर्ग में पदक हासिल करने वाली पहली भारतीय बनने का गौरव हासिल किया।

भारत की भुजाहीन तीरंदाज शीतल देवी ने एशियाई पैरा खेलों में महिलाओं की कंपाउंड व्यक्तिगत स्पर्धा और मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता जबकि स्वाति चौधरी ने डब्ल्यू1 स्पर्धा में रजत पदक जीता और इस श्रेणी में पदक जीतने वाली पहली भारतीय बन गई। शीतल ने तनावपूर्ण क्षणों में धैर्य बनाए रखते हुए महिला व्यक्तिगत फाइनल में सिंगापुर की अलीम नूर शाहिदा को हराया। तोमन कुमार के साथ मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने के कुछ ही घंटों बाद ही 19 वर्षीय विश्व चैंपियन शीतल ने अलीम को 142-139 से हराकर मौजूदा खेलों का अपना दूसरा स्वर्ण पदक और कुल मिलाकर तीसरा पदक जीता।

इससे पहले उन्होंने महिला कंपाउंड टीम में पायल नाग के साथ रजत पदक जीता था। हांगझोउ खेलों में भी उन्होंने दो स्वर्ण और एक रजत अपने नाम किये थे। स्वाति महिलाओं के डब्ल्यू1 फाइनल में चीन की सेन मेंगकान के खिलाफ 4 . 2 की बढत बनाने के बाद 4 . 6 से हार गई।

इस वर्ग में हालांकि भारत का यह पहला पदक है। दिन की आखिरी स्पर्धा में तोमन कुमार पुरूषों के व्यक्तिगत कांस्य प्लेआफ में चीन के झांग यिचेंग से 139 . 148 से हार गए। भारत के तीरंदाजी में चार पदक हो गए हैं जबकि रिकर्व एलिमिनेशन दौर शुक्रवार को खेला जायेगा।

भारत ने 2023 में हांगझोउ में दो स्वर्ण, तीन रजत और दो कांस्य पदक जीते थे। भारत की महिला और पुरूष टीमें फाइनल में पहुंच चुकी है जबकि मिश्रित टीम सेमीफाइनल से अभियान का आगाज करेगी। शीतल ने व्यक्तिगत मुकाबले में जबर्दस्त धैर्य का प्रदर्शन किया।

अलीम ने अच्छी शुरुआत की और पहले दो सेट के बाद चार अंकों की बढ़त बना ली। लेकिन जम्मू कश्मीर की रहने वाली भारतीय खिलाड़ी ने शानदार वापसी करके अगले दो सेट में लगातार 10-10 अंक हासिल किए। उन्होंने इस बीच तीन एक्स (निशाने के केंद्र के सबसे करीब लगने वाले तीर) भी लगाए।

इस तरह से उन्होंने अंतिम सेट से पहले दो अंकों की बढ़त बना ली। शीतल ने अंतिम सेट में नौ-नौ अंक के साथ कुल 27 अंक हासिल किए जबकि अलीम केवल 26 अंक ही बना सकी। मिश्रित टीम में शीतल और तोमन ने फाइनल में इंडोनेशिया की तेओडोरा ऑडी आयुडिया फेरेली और केन स्वागुमिलंग को 151-148 से हराया।

क्वालीफाइंग राउंड में विश्व रिकार्ड बनाने वाली शीर्ष वरीयता प्राप्त भारतीय जोड़ी ने फाइनल में शुरू से लेकर आखिर तक अपनी बढ़त बनाए रखी। भारतीय टीम ने पहले सेट में 38-37 से बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद उन्होंने दूसरे सेट में भी अच्छा प्रदर्शन किया और 77-73 के अंतर से अपनी बढ़त चार अंक की कर दी।

इस दौरान उन्होंने केवल एक अंक गंवाया। इंडोनेशियाई टीम ने तीसरे सेट में एक अंक से जीत हासिल की, लेकिन भारतीय टीम ने तीन अंकों की बढ़त बनाए रखी। अंतिम सेट में दोनों टीमों ने 38 अंक बनाए, जो भारत को तीन अंकों की जीत के साथ स्वर्ण पदक दिलाने के लिए पर्याप्त थे।

शीतल और तोमन ने सेमीफाइनल में चीनी ताइपे की जोड़ी ली युन-ह्सिएन और यांग जून-काई को संघर्षपूर्ण मुकाबले में 142-141से हराया था। शीतल और तोमन ने क्वालीफाइंग राउंड में 1402 अंक बनाकर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया था। छत्तीसगढ़ के बलोद जिले के नवागांव के रहने वाले 31 वर्षीय तोमन सीआरपीएफ में कार्यरत हैं।

उन्होंने फरवरी 2022 में झारखंड के लोहरदगा जिले में माओवादियों के खिलाफ संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान एक आईईडी विस्फोट में अपना बायां पैर गंवा दिया था। इस दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उनका पैर काटना पड़ा था। इससे पहले स्वाति ने डब्ल्यू1 श्रेणी में महिला व्यक्तिगत फाइनल में चीन की सेन मेंगकन से हारने के बाद रजत पदक हासिल किया।

मेरठ की गुरुकुल तीरंदाजी अकादमी में एथेंस ओलंपिक खेलों में भाग ले चुके सत्यदेव प्रसाद के मार्गदर्शन में अभ्यास करने वाली शीर्ष वरीयता प्राप्त भारतीय खिलाड़ी ने उतार-चढ़ाव भरे फाइनल में 4-2 की बढ़त गंवा दी और 4-6 से हार गई। चीन की तीरंदाज ने शानदार वापसी की और स्वाति को 25-17, 21-22, 22-21, 20-30, 21-28 से हार का सामना करना पड़ा। पिछले महीने अहमदाबाद में विश्व तीरंदाजी पैरा सीरीज में कांस्य पदक जीतने वाली स्वाति ने शानदार शुरुआत करते हुए पहला सेट 25-17 से जीत लिया।

चीन की खिलाड़ी ने दूसरा सेट जीता लेकिन स्वाति ने तीसरा सेट जीत कर वापसी की। चीन की खिलाड़ी ने चौथे सेट में तीन परफेक्ट 10 के साथ 30 का स्कोर बनाकर सेट 30-20 से जीत लिया और मैच को 4-4 से बराबर कर दिया। सेन ने निर्णायक सेट में अपना धैर्य बनाए रखा तथा स्वाति के 21 अंकों के मुकाबले 28 अंक बनाकर एशियाई पैरा खेलों में अपना पहला स्वर्ण पदक जीता।

मेरठ की 37 वर्षीय स्वाति को भले ही स्वर्ण पदक नहीं मिला लेकिन वह इस वर्ग में पदक जीतने वाली पहली भारतीय तीरंदाज बन गई। डब्ल्यू1 श्रेणी में गंभीर शारीरिक अक्षमता वाले खिलाड़ी भाग लेते हैं। इस वर्ग में टेट्राप्लेजिया जैसी स्थितियों से ग्रस्त एथलीट शामिल हैं, जिनमें मांसपेशियों की शक्ति और अंगों के कार्य में समान रूप से कमी होती है।

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