Congress to launch 'Save the Land' campaign in Uttarakhand tomorrow; responsibilities assigned to leaders for each assembly constituency

उत्तराखंड में कांग्रेस का भूमि बचाओ अभियान कल से, विधानसभा वार नेताओं की जिम्मेदारी तय

देहरादून। उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। प्रदेश में जमीन और भूमि से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी कर ली है। पार्टी 4 नवंबर से प्रदेशभर में ‘भूमि बचाओ अभियान शुरू करने जा रही है। अभियान को विधानसभा स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए कांग्रेस ने अपने कई वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी है।

कांग्रेस के प्रदेश संगठन महासचिव राजेंद्र सिंह भंडारी के मुताबिक, अभियान के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों और प्रमुख शहरों में 4 नवंबर को सुबह 10 बजे प्रदर्शन शुरू किए जाएंगे। पार्टी का आरोप है कि प्रदेश में जमीनों के सौदों और सरकारी भूमि के आवंटन एवं उपयोग को लेकर अनियमितताएं हुई हैं। कांग्रेस इन मुद्दों को जनता के बीच उठाने और सरकार से जवाब मांगने की तैयारी में है।

यशपाल आर्य से हरीश रावत तक संभालेंगे मोर्चा

कांग्रेस ने अभियान के लिए अनुभवी नेताओं और विधायकों को अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी है। पार्टी की ओर से घोषित जिम्मेदारियों के अनुसार:

  • नैनीताल: नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और सीडब्ल्यूसी सदस्य गुरदीप सप्पल
  • अल्मोड़ा: विधायक मनोज तिवारी और पूर्व विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल
  • रानीखेत: पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा
  • हल्द्वानी: विधायक तिलकराज बेहड़ और सुमित हृदयेश
  • भीमताल: विधायक भुवन कापड़ी और आदेश चौहान
  • देहरादून और ऋषिकेश: पूर्व मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत और संबंधित जिलाध्यक्ष
  • विकासनगर: प्रदेश चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह
  • मसूरी: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल
  • टिहरी: विधायक विक्रम सिंह नेगी और लखपत बुटोला
  • हरिद्वार: पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, विधायक ममता राकेश, अनुपमा रावत और रवि बहादुर
  • रानीपुर: विधायक फुरकान अहमद और वीरेंद्र जाती

जमीन के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी

कांग्रेस का कहना है कि प्रदेश की जमीन और संसाधनों से जुड़े सवालों को अब विधानसभा क्षेत्रों तक ले जाया जाएगा। पार्टी सरकारी भूमि के कथित दुरुपयोग, जमीनों के सौदों और भूमि नीतियों को लेकर सरकार से जवाब मांगने की तैयारी कर रही है।

अभियान के जरिए कांग्रेस स्थानीय स्तर पर लोगों से संवाद करेगी और भूमि से जुड़े मामलों को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में लाने की कोशिश करेगी। हालांकि, अभियान के तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में होने वाले कार्यक्रमों का विस्तृत ब्योरा अभी सामने नहीं आया है।

खड़गे और राहुल गांधी की बैठक के बाद तेज हुई चुनावी तैयारी

उत्तराखंड में कांग्रेस की गतिविधियां केवल भूमि के मुद्दे तक सीमित नहीं हैं। 2027 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए पार्टी संगठन और चुनावी रणनीति पर भी काम कर रही है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के दिल्ली स्थित आवास पर हुई बैठक में राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल, प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, प्रीतम सिंह और डॉ. हरक सिंह रावत समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बैठक में प्रदेश की चुनावी तैयारियों पर चर्चा हुई।

अब 4 नवंबर से शुरू होने वाले भूमि बचाओ अभियान के जरिए कांग्रेस प्रदेश में जमीन और संसाधनों से जुड़े मुद्दों को कितना व्यापक जनसमर्थन दिला पाती है, इस पर राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी। वहीं, इन आरोपों पर राज्य सरकार और भाजपा की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी।

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