Badal keeps cards close to his chest regarding a potential alliance with the BJP; says all will be revealed in a few days.

भाजपा के साथ गठजोड़ की संभावना पर बादल ने नहीं खोले पत्ते; कहा – कुछ दिन में पता चल जाएगा

शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने अगले साल की शुरूआत में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के साथ संभावित गठजोड़ की अटकलों पर सोमवार को सधी हुई प्रतिक्रिया दी और संकेत दिया कि कुछ ही दिनों में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

बादल ने भाजपा के साथ फिर से गठजोड़ की संभावना के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘मैं कोई पंडित तो हूं नहीं। कुछ ही दिनों में पता चल जाएगा कि क्या होने वाला है।’’

हालांकि, उन्होंने एक बार फिर यह कहा कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) को छोड़कर, वह उन अन्य दलों के साथ गठबंधन करने के लिए तैयार हैं जिन्हें उनकी पार्टी की विचारधारा पसंद है।

बादल ने कहा, ‘‘मैंने कहा था कि दो राजनीतिक दल पंजाब के दुश्मन हैं – कांग्रेस और ‘झाड़ू वाले’ (आप)। इनके अलावा, हम उन दलों के साथ जुड़ने के लिए तैयार हैं जो पंजाब के हित में काम कर रहे हैं और जिनकी विचारधारा हमारी विचारधारा से मेल खाती है।’’

पिछले महीने दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दावा किया था कि 2027 में पंजाब में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार बनेगी। इस बयान के बाद, पुराने सहयोगी दलों – शिअद और भाजपा – के फिर से एक साथ आने के कयास लगाये जा रहे हैं।

हालांकि, भाजपा की पंजाब इकाई के नेताओं का कहना है कि वे आगामी विधानसभा चुनावों में सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं।

आम आदमी पार्टी के दो विधायकों के पार्टी छोड़ने से जुड़े एक सवाल के जवाब में, बादल ने कहा कि आने वाले दिनों में कई और नेता पार्टी छोड़ देंगे। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान अपनी धूरी सीट से चुनाव हार जाएंगे।

उन्होंने आप सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘लोग उनसे नफरत करते हैं। उन्होंने बहुत लूट-खसोट की है।’’

सोमवार को, किसान संगठन भारतीय किसान यूनियन (कादियान) ने आगामी राज्य विधानसभा चुनावों के लिए शिअद को बिना शर्त समर्थन देने की घोषणा की है।

बीकेयू (कादियान) के अध्यक्ष हरमीत सिंह कादियान ने बादल की मौजूदगी में यह घोषणा की।

यह किसान संगठन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व करने वाले संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) का हिस्सा है।

अगस्त की शुरुआत में, जब बादल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से संसद भवन स्थित उनके कार्यालय में मुलाकात की थी, तब इससे ये अटकलें शुरू हो गईं कि यह क्षेत्रीय पार्टी फिर से भाजपा के साथ हाथ मिला सकती है।

शिअद ने सितंबर 2020 में, तीन कृषि कानूनों (रद्द किये जा चुके) को लेकर भाजपा के साथ अपना 24 साल पुराना गठबंधन तोड़ लिया था।

पंजाब विधानसभा चुनाव अगले साल की शुरुआत में होने हैं। हाल के महीनों में, प्रदेश भाजपा के कई नेताओं ने कहा है कि वे आगामी विधानसभा चुनावों में सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं।

पिछले विधानसभा चुनाव में, 117 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा ने दो सीट पर जीत दर्ज की थी, जबकि शिअद के खाते में तीन सीट आई थी।

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