AAP : दिल्ली की राजनीति में MCD चुनाव से पहले बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक राजेश गुप्ता ने बीजेपी जॉइन कर ली। गुप्ता AAP के उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय प्रवक्ता और कर्नाटक प्रभारी थे। बीजेपी मुख्यालय में उन्होंने औपचारिक सदस्यता ली। यह कदम दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों के बाद AAP से नेताओं के लगातार पलायन का हिस्सा है।
राजेश गुप्ता कौन हैं? उनका राजनीतिक सफर
राजेश गुप्ता (जन्म: 2 नवंबर 1978) दिल्ली के वजीरपुर विधानसभा क्षेत्र से 2015 से 2025 तक AAP के विधायक रहे। वे स्वास्थ्य विभाग में संसदीय सचिव भी थे। 2015 चुनाव में उन्होंने बीजेपी के महेंद्र नागपाल को 22,044 वोटों से हराया था। गुप्ता का राजनीतिक सफर अन्ना आंदोलन से शुरू हुआ, जब उन्होंने परिवार के जूते के कारोबार को छोड़कर पार्टी जॉइन की। वे स्ट्रीट प्ले और नुक्कड़ नाटक से जुड़े थे।

2022 में वे भ्रष्टाचार के आरोपों में फंसे। दिल्ली नगर निगम चुनाव में टिकट के बदले 90 लाख रुपये मांगने का केस चला। एक AAP समर्थक ने आरोप लगाया कि गुप्ता और साथी विधायक अखिलेश त्रिपाठी ने उनकी पत्नी को टिकट देने के लिए पैसे मांगे। CCTV फुटेज के आधार पर विजिलेंस विभाग ने कार्रवाई की सिफारिश की। हालांकि, AAP ने उन्हें टिकट नहीं दिया, जिसके बाद वे पार्टी से निष्कासित हो गए।
क्यों छोड़ी AAP? गुप्ता का बयान
बीजेपी जॉइन करने के बाद गुप्ता भावुक हो गए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा,’AAP ने अपनी मूल विचारधारा छोड़ दी है। अन्ना आंदोलन में नौकरी छोड़ने वाले कार्यकर्ताओं की अब परवाह नहीं। पार्टी भ्रष्टाचार में डूब गई है। कई लोग जाना चाहते हैं, लेकिन आसान नहीं। वे सम्मान वाली जगह जाएं, जहां वर्कर्स को यूज एंड थ्रो न किया जाए।’ उन्होंने बीजेपी को ‘विकास और राष्ट्रवाद’ की पार्टी बताया।
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‘AAP का आपदा बनेगी ताकत’
बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत पांडा ने गुप्ता का स्वागत किया। उन्होंने कहा, ‘AAP का ‘आपदा’ अब बीजेपी की ताकत बनेगा।’ दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा भी मौजूद थे। यह जॉइनिंग चुनाव के बाद AAP की कमजोरी को दिखाती है, जहां बीजेपी ने 48 सीटें जीतकर 27 साल बाद सत्ता हासिल की।
AAP से पलायन का सिलसिला
2025 दिल्ली चुनाव में AAP की हार के बाद कई नेता बीजेपी की ओर बढ़े। फरवरी 2025 में चुनाव से ठीक पहले 8 पूर्व AAP विधायक बीजेपी जॉइन कर चुके थे: वंदना गौर (पलम), रोहित मेहरौलिया (त्रिलोकपुरी), गिरीश सोनी (मदिपुर), मदन लाल (कस्तूरबा नगर), राजेश ऋषि (उत्तम नगर), भूपिंदर सिंह जून (बिजवासन), नरेश यादव (महरौली) और पवन शर्मा (आदर्श नगर)। इनमें से कई को टिकट न मिलने से नाराजगी थी।
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इसके अलावा, पूर्व मंत्री कैलाश गहलोत (नवंबर 2024 में जॉइन), राज कुमार आनंद और अन्य भी बीजेपी में शामिल हुए। AAP ने आरोप लगाया कि बीजेपी नेता MLAs को पैसे और पद के लालच दे रहे हैं।

क्या होगा AAP का भविष्य?
यह घटना AAP के लिए बड़ा झटका है। चुनाव में 48 सीटें हारने के बाद पार्टी पर भ्रष्टाचार, शराब नीति और यमुना प्रदूषण के आरोप लगे है। अरविंद केजरीवाल की रणनीति पर सवाल उठ रहे है। बीजेपी ने इसे ‘परिवर्तन यात्रा’ का हिस्सा बताया। गुप्ता जैसे नेताओं का जाना AAP की बेंच स्ट्रेंथ कमजोर कर रहा है। आने वाले दिनों में और पलायन हो सकता है।

