Agra News: आगरा के शाहदरा बगीची में एक परिवार ने अपने पालतू कुत्ते, टाइगर, को बेटे की तरह अंतिम विदाई दी। यह मामला पशु प्रेम की एक अनोखी मिसाल बन गया है। टाइगर, जो 14 साल तक परिवार का हिस्सा था, की मृत्यु के बाद परिवार ने उसे पूरी श्रद्धा और हिंदू रीति-रिवाजों से अंतिम संस्कार किया। देखें वायरल वीडियो-
बीमार होने के बाद हुई मौत
टाइगर, जो एक लेब्राडोर था, एक महीने पहले बीमार हो गया था। परिवार ने उसका इलाज कराया, लेकिन 28 जनवरी को उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिवार शोक में डूब गया और उन्हें लगा कि उनका एक परिवार सदस्य चला गया।
अंतिम संस्कार और रस्में
परिवार ने टाइगर का अंतिम संस्कार बुलंदशहर स्थित राजघाट पर गंगाजी के किनारे हिंदू विधि-विधान से किया। इसके अलावा, परिवार ने उसके लिए मुंडन संस्कार भी कराया। 13वें दिन आत्मा की शांति के लिए हवन और ब्रह्मभोज का आयोजन किया गया, जिसमें मोहल्ले के लोग भी शामिल हुए।
पारिवारिक सदस्य की तरह था टाइगर
घनश्याम दीक्षित, टाइगर के मालिक, ने बताया कि टाइगर सिर्फ एक कुत्ता नहीं था, बल्कि 14 साल तक वह परिवार का सदस्य बना रहा। वह घर के हर सदस्य के साथ घुल-मिलकर रहता था और हर सुख-दुख में परिवार के साथ था। मोहल्ले के लोग भी उसे सम्मानित करते थे और उसे ‘तिलकधारी’ कहते थे, क्योंकि हर रोज़ उसके माथे पर टीका लगाया जाता था।
परिवार में गहरा दुख
टाइगर की मौत से परिवार का दिल टूट गया। वे उसे बेटे की तरह प्यार करते थे, और उसकी कमी को हमेशा महसूस करेंगे। परिवार ने कहा कि यह विदाई महज एक परंपरा नहीं, बल्कि उस प्यार का सम्मान था जो टाइगर ने उन्हें दिया था।
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