AI Summit controversy

AI Summit controversy : ‘कागज दिखाओ, चिल्लाओ मत’, एसीपी पर भड़का नागरिक!

AI Summit controversy : दिल्ली के भारत मंडपम में 20 फरवरी 2026 को हुए भारत AI इम्पैक्ट समिट के दौरान इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के कार्यकर्ताओं ने ‘शर्टलेस प्रोटेस्ट’ किया। कुछ युवाओं ने शर्ट उतारकर टी-शर्ट ऊपर उठाए और पीएम मोदी और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ नारे लगाए। यह हाई-प्रोफाइल अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम था, जहां सुरक्षा चाक-चौबंद थी। पुलिस ने इसे गंभीर सुरक्षा उल्लंघन माना और तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। अब तक कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, लेकिन गिरफ्तारियों के दौरान दिल्ली और हिमाचल पुलिस के बीच बड़ा टकराव हो गया।

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प्रोटेस्ट का पूरा मामला क्या है?

20 फरवरी को समिट के एग्जिबिशन हॉल में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता घुसे। उन्होंने पहले QR कोड से रजिस्ट्रेशन कराया था। अचानक शर्ट उतारकर वे नारे लगाने लगे – ‘कॉम्प्रोमाइज्ड पीएम’, ‘अमेरिका के साथ डील वापस लो’। टी-शर्ट पर भी स्लोगन प्रिंट थे। पुलिस ने उन्हें तुरंत बाहर निकाला। दिल्ली पुलिस ने तिलक मार्ग थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं – दंगा, दुश्मनी फैलाना, साजिश आदि के तहत FIR दर्ज की। पुलिस का कहना है कि यह प्लान्ड साजिश थी, नेपाल के जेन-जेड प्रोटेस्ट से प्रेरित।

अब तक कौन-कौन गिरफ्तार?

पहले दिन के आसपास 4 कार्यकर्ता पकड़े गए।

24 फरवरी को इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब और पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता भूदेव शर्मा गिरफ्तार।

25 फरवरी को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने शिमला के रोहड़ू (चिरगांव) के एक होटल से 3 और पकड़े – सौरभ (अमेठी, UP), सिद्धार्थ (रीवा, MP), अरबाज (सुल्तानपुर, UP)।

कुल 11 गिरफ्तारियां। 5 आरोपियों की पुलिस रिमांड 4 दिन बढ़ा दी गई

हिमाचल में पुलिस vs पुलिस

शिमला से 3 कार्यकर्ताओं को ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद दिल्ली लाया जा रहा था। सुबह 5 बजे दिल्ली पुलिस की टीम ने होटल से गिरफ्तार किया। लेकिन हिमाचल पुलिस (कांग्रेस शासित राज्य) ने रास्ते में रोक लिया। उनका आरोप – ‘बिना सूचना के गिरफ्तारी अवैध है, यह अपहरण है!’

शिमला पुलिस ने दिल्ली पुलिस के 15-20 जवानों के खिलाफ अपहरण, गलत हिरासत आदि की FIR दर्ज की। काफिले को शोगी बॉर्डर पर रोक लिया गया। दिल्ली पुलिस के 20 जवान लगभग 24 घंटों तक हिरासत में रहे। मेडिकल चेकअप हुआ, आधी रात को कोर्ट में पेशी की गई – पूरा दिन ड्रामा चला। आखिरकार 26 फरवरी सुबह कोर्ट ने रिमांड मंजूर किया और दिल्ली पुलिस को 3 आरोपियों के साथ दिल्ली जाने की इजाजत मिली।

कांग्रेस और पुलिस का क्या कहना है?

कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक बदले की कार्रवाई’ बताया। उदय भानु चिब को ‘मास्टरमाइंड’ मानकर गिरफ्तार किया गया। दिल्ली पुलिस कह रही है – जांच में साजिश साबित हो रही है, और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने कहा – ‘यह शर्मनाक है, जैसे इमरजेंसी को याद करते हैं, वैसे इसे भी याद रखेंगे।’

यह मामला अब सिर्फ प्रोटेस्ट का नहीं रहा। अंतरराज्यीय पुलिस टकराव, सुरक्षा उल्लंघन और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप की वजह से चर्चा में है। कोर्ट में मामला चल रहा है, जांच जारी है। बच्चों की तरह शर्ट उतारकर प्रोटेस्ट करना सही था या नहीं – यह बहस अलग है, लेकिन कानून का पालन हर हाल में जरूरी है।

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