Amity International School

Amity International School में बड़ी लापरवाही, कई घंटे तक बस में बंद रहा UKG का मासूम

नोएडा के सेक्टर-44 स्थित मशहूर Amity International School से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने सभी माता-पिता की चिंता बढ़ा दी है। स्कूल प्रबंधन और ट्रांसपोर्ट की भारी लापरवाही के कारण UKG में पढ़ने वाला एक मासूम छात्र करीब 6 से 7 घंटे तक बस के अंदर बंद रहा। वहीं, स्कूल को इसकी जानकारी तक नहीं थी।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के मुताबिक, गुरुवार सुबह सेक्टर-78 की ‘महागुन माजरिया’ सोसायटी में रहने वाले माता-पिता ने अपने बेटे को स्कूल बस में बैठाया था। रास्ते में बच्चा बस में ही सो गया। इस बीच बस खराब हो गई और सभी बच्चों को दूसरी बस में शिफ्ट कर दिया गया। दुर्भाग्यवश, सो रहे मासूम पर किसी की नजर नहीं पड़ी।

ड्राइवर उस खराब बस को स्कूल से करीब 25 किलोमीटर दूर एक सुनसान पार्किंग यार्ड (सेक्टर-39 क्षेत्र) में खड़ा करके चला गया। मासूम बच्चा भीषण गर्मी में कई घंटों तक उस बंद बस के अंदर अकेला फंसा रहा।

दोपहर में हुआ घटना का खुलासा

इस बात का पता तब चला, जब दोपहर में छुट्टी के वक्त मां अपने बेटे को लेने बस स्टॉप पर पहुंचीं। बस में बच्चा नहीं था। घबराए परिजनों ने स्कूल में फोन किया, तो स्कूल ने बताया कि बच्चा उस दिन स्कूल आया ही नहीं और रजिस्टर में उसे ‘एब्सेंट’ मार्क किया गया है।

हैरानी की बात यह थी कि बस अटेंडेंस रजिस्टर में बच्चे की उपस्थिति दर्ज थी, लेकिन कक्षा में नहीं पहुंचने पर भी स्कूल ने माता-पिता को कोई सूचना नहीं दी।

काफी खोजबीन और हंगामे के बाद स्कूल प्रशासन ने बस को पार्किंग यार्ड में चेक किया। वहां बच्चा बस के अंदर बंद मिला। परिजनों के अनुसार, जब बच्चा मिला तो वह डर के मारे बुरी तरह रो रहा था और पसीने से लथपथ था। गनीमत रही कि समय रहते बच्चा मिल गया, वरना कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी।

वहीं, स्कूल प्रबंधन का कहना है कि सोशल मीडिया पर घटना को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। स्कूल की प्रिंसिपल रेनू सिंह के मुताबिक, जैसे ही मामले की जानकारी मिली, तुरंत कार्रवाई की गई और बच्चे को सुरक्षित उसके माता-पिता को सौंप दिया गया।

इस घटना ने स्कूल प्रबंधन और ट्रांसपोर्ट व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आमतौर पर बस से बच्चों को उतारते समय ड्राइवर और स्टाफ को पूरी बस की जांच करनी चाहिए। साथ ही, जब बच्चा कक्षा में नहीं पहुंचा, तो स्कूल की ओर से तुरंत अभिभावकों को सूचना दी जानी चाहिए थी।

फिलहाल, इस घटना के बाद अभिभावकों में नाराजगी है और मामले को लेकर जांच की मांग की जा रही है।

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