Chomu Bulldozer Action : जयपुर के चौमूं कस्बे में पिछले दिनों मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने को लेकर हुई हिंसा के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। 2 जनवरी 2026 को नगर परिषद की टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में इमाम चौक और आसपास के इलाकों में बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माणों को ढहाया। यह कार्रवाई उन लोगों के खिलाफ की गई, जिन पर पत्थरबाजी का आरोप है।
क्या था पूरा मामला
चौमूं में कलंदरी मस्जिद के पास सड़क पर लंबे समय से अवैध अतिक्रमण था। दिसंबर 2025 में प्रशासन ने यहां से पत्थर और रेलिंग हटाने की कोशिश की। मस्जिद कमेटी से सहमति के बाद कार्रवाई शुरू हुई, लेकिन कुछ लोगों ने इसका विरोध किया। 26 दिसंबर को पुलिस पर पत्थरबाजी हुई, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
https://x.com/HNN24x7NEWS/status/2007008053414228126?s=20
इस घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और ड्रोन की मदद से पत्थरबाजों की पहचान की। ज्यादातर आरोपी पठान कॉलोनी से थे। पुलिस ने 19 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया और कई को हिरासत में लिया। इलाके में इंटरनेट बंद कर शांति बहाल की गई।

क्यों चला बुलडोजर
हिंसा के बाद नगर परिषद ने अवैध निर्माणों की जांच की। इमाम चौक और पठान मोहल्ले में 20 से ज्यादा जगहों पर अवैध सीढ़ियां, रैंप और प्लेटफॉर्म बने थे। इन पर 29 दिसंबर को नोटिस चस्पा किए गए और तीन दिन का समय दिया गया कि खुद हटा लें।
समय खत्म होने पर 2 जनवरी को बुलडोजर एक्शन शुरू हुआ। सुबह से ही 20 से अधिक दुकानों और घरों के बाहर बने अवैध हिस्सों को तोड़ा गया। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई कानून के तहत है और सिर्फ अवैध निर्माणों पर हो रही है। भारी पुलिस तैनात रही ताकि कोई उपद्रव न हो।

कार्रवाई के दौरान क्या मिला
बुलडोजर चलने के दौरान जमीन से कुछ चीजें निकलीं, जिससे हड़कंप मच गया। रिपोर्ट्स में कहा गया कि पिस्टल जैसे हथियार और एक फरसा मिला। हालांकि, पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। कुछ सूत्रों के मुताबिक, यह टूटी हुई एयर गन हो सकती है, जो बंदर या पक्षी भगाने के काम आती है। यह मामला और जांच का विषय है, लेकिन इससे कई सवाल उठ रहे हैं कि हिंसा के समय क्या योजना थी।
https://hnn24x7.com/cm-himanta-biswa-sarma/
प्रशासन का क्या कहना है?
जयपुर पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि अवैध निर्माण हटाना जरूरी है ताकि ट्रैफिक सुचारू हो और सार्वजनिक जगह खाली रहे। एडीसीपी राजेश गुप्ता ने कहा, ‘नगर परिषद अवैध अतिक्रमण हटा रही है। उपद्रव करने वालों के अवैध हिस्सों पर भी कार्रवाई हो रही है।’ प्रशासन ने साफ किया कि यह धार्मिक नहीं, बल्कि कानूनी कार्रवाई है।

