उत्तरप्रदेश में गोशालाओं का निर्माण पीपीपी मोड पर,जानते है पूरी खबर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि ठंड और भूख से किसी गोवंश की मौत न हो पाए इसलिए आत्मनिर्भर मॉडल बनाया जाए।

सीएम ने कहा कि गोशालाओं का निर्माण पीपीपी मोड पर किया जाए। उन्हें नेचुरल फॉर्मिग, गोबर पेंट, सीएनजी और सीबीजी से जोड़ा जाए। इससे गोशालाएं आर्थिक रूप से सुदृढ़ होंगी और गायों के रखरखाव एवं पालन पर आने वाला खर्च खुद उठा सकेंगी। सीएम ने कहा कि गोशाला संचालन के लिए इच्छुक एनजीओ के साथ एमओयू करें और उन्हें आवश्यक व्यवस्था उपलब्ध कराएं।

राज्य सरकार द्वारा चलाई गई सहभागिता योजना को पूरे प्रदेश में तेजी के साथ आगे बढ़ाया जाए। इस योजना के तहत निराश्रित गोवंश को पालने वाले किसानों को प्रति गोवंश 900 रुपये मासिक दिए जा रहे हैं।भू-सत्यापन के बाद किसानों को उनका भुगतान किया जाए। पशुधन विभाग व्यवहारिक रूप से अच्छी योजना बनाएं। हर स्तर पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।

सीएम ने कहा कि गोशालाओं में अप्रैल-मई में ही पूरे साल के लिए हरा चारा, भूसा और चोकर की व्यवस्था की जाए। भारतीय नस्ल की गोवंश को सफाई और चरागाह की जगह चाहिए होती है। अगर उन्हें यह नहीं मिलेगा तो वह बीमार पड़ जाएंगी। जो भी गोशालाएं बनाई जाए उनमें इस बात का विशेष ध्यान में रखा जाए।

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