देहरादून में मौसम बदलने के साथ वायरल बुखार और सर्दी-जुकाम के मरीज बढ़ रहे हैं, लेकिन इसी बीच H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के लगातार सामने आ रहे मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता भी बढ़ा दी है। जिले में कुछ दिनों के भीतर संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ी है। 27 अगस्त तक H1N1 के 59 मामले सामने आए थे, लेकिन शुक्रवार को हुई जांच में आठ और लोगों की रिपोर्ट positive आने के बाद यह संख्या बढ़कर 67 हो गई। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इनमें 43 मरीज देहरादून से जुड़े हैं, जबकि 24 दूसरे जिलों या राज्यों से इलाज के लिए आए हैं।
अभी 21 मरीजों का इलाज चल रहा है, जबकि 41 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। पांच संक्रमित मरीजों की मौत भी दर्ज की गई है, हालांकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इन मौतों में H1N1 की वास्तविक भूमिका death audit के बाद ही स्पष्ट होगी। शुक्रवार को जिन आठ लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई, उनमें दो देहरादून और छह दूसरे जिलों के हैं। चार मरीज श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल और चार जौलीग्रांट में भर्ती किए गए हैं।
लगातार बढ़ रहे मामलों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को तैयार रहने को कहा है। जिले स्तर पर Rapid Response Team भी सक्रिय की गई है। जिन इलाकों से केस सामने आ रहे हैं, वहां screening बढ़ाने और मरीजों की travel history जांचने का काम किया जा रहा है। CMO डॉ. मनोज कुमार शर्मा के मुताबिक अस्पतालों में पर्याप्त testing kits की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
हालांकि हर सर्दी, खांसी या बुखार को स्वाइन फ्लू मान लेना भी सही नहीं है। मौसम बदलने पर सामान्य viral infection के मामले भी बढ़ते हैं। परेशानी तब है जब तेज बुखार, लगातार खांसी, सांस लेने में दिक्कत या तबीयत लगातार खराब होने जैसे लक्षण बने रहें। ऐसे में घर पर अंदाजा लगाने या खुद दवाएं लेने के बजाय doctor से सलाह लेना बेहतर है।
बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को खास तौर पर सावधानी रखने की सलाह दी जा रही है। Health Department की कोशिश फिलहाल नए मामलों की जल्द पहचान, संक्रमित मरीजों के treatment और संक्रमण को आगे फैलने से रोकने पर है।
Dehradun में H1N1 Cases कितनी तेजी से बढ़े?
दो दिनों के आंकड़े देखें तो संक्रमण में बढ़ोतरी साफ नजर आती है। 27 अगस्त तक 59 H1N1 positive cases दर्ज किए गए थे। इसके अगले दिन 25 samples की जांच में आठ और लोगों में infection मिला और कुल आंकड़ा 67 तक पहुंच गया। फिलहाल विभाग नए मामलों पर लगातार नजर रख रहा है। (pioneeredge.in)
- कुल H1N1 positive cases: 67
- देहरादून से जुड़े मरीज: 43
- अन्य जिलों/राज्यों के मरीज: 24
- Active मरीज: 21
- स्वस्थ हो चुके मरीज: 41
Hospitals को Alert पर क्यों रखा गया है?
H1N1 के मामले बढ़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी और निजी अस्पतालों को तैयारियां मजबूत रखने के निर्देश दिए हैं। सभी अस्पतालों में जांच से जुड़ी व्यवस्था और आवश्यक resources उपलब्ध रखने पर जोर दिया गया है। CMO डॉ. मनोज कुमार शर्मा के अनुसार पर्याप्त testing kits सुनिश्चित की जा रही हैं और जहां भी case मिलता है, वहां संबंधित टीम screening और patient history पर काम कर रही है।
श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल ने संदिग्ध और संक्रमित मरीजों के लिए 50-bed का विशेष ward भी आरक्षित किया है। (Uttarakhand Broadcast)
नई रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार को मिले आठ मरीजों में चार श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल और चार जौलीग्रांट में भर्ती हैं। इससे साफ है कि आने वाले दिनों में hospital preparedness महत्वपूर्ण रहने वाली है।
- Hospitals को treatment facilities तैयार रखने के निर्देश।
- Testing kits की उपलब्धता पर जोर।
- जिले में Rapid Response Teams सक्रिय।
- Case मिलने वाले क्षेत्रों में screening बढ़ाई जा रही है।
- मरीजों की travel history भी check की जा रही है।
59 से 67 Cases: क्या बदला?
एक दिन पहले तक जिले में 59 confirmed cases थे। इसके बाद शुक्रवार को 25 samples की जांच में आठ नए positive मिलने से कुल संख्या 67 हो गई। नीचे latest और previous update का अंतर देखा जा सकता है।
| स्थिति | 27 अगस्त तक | 28 अगस्त के बाद |
|---|---|---|
| कुल H1N1 Cases | 59 | 67 |
| नए मामले | 7 | 8 और |
| देहरादून के मरीज | 41 | 43 |
| अन्य जिलों/राज्यों से | 18 | 24 |
| Active Cases | 14 | 21 |
| Samples Tested | 148 | 173 |
H1N1 से बचने के लिए क्या सावधानी रखें?
H1N1 भी respiratory infection है और संक्रमित व्यक्ति की खांसी, छींक या contaminated hands/surfaces के जरिए फैल सकता है। इसलिए basic hygiene को हल्के में नहीं लेना चाहिए। विशेषज्ञों ने नियमित रूप से हाथ धोने, खांसते और छींकते समय मुंह ढकने तथा गंदे हाथों से आंख, नाक और मुंह छूने से बचने की सलाह दी है। भीड़भाड़ या कम ventilation वाली जगहों पर mask उपयोगी हो सकता है।
अगर बुखार, खांसी, गले में परेशानी या सांस लेने में दिक्कत जैसे symptoms लगातार बने रहते हैं तो doctor से consultation लेना चाहिए। खुद से antibiotic शुरू करना ठीक नहीं है, क्योंकि influenza एक viral infection है और antibiotic हर मामले में उपयोगी नहीं होता।
छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और heart, kidney, lung या दूसरी chronic illnesses वाले लोगों में complications का risk ज्यादा हो सकता है।
- भीड़भाड़ में जरूरत पड़ने पर mask पहनें।
- हाथ साबुन से नियमित रूप से धोएं।
- खांसते-छींकते समय मुंह और नाक ढकें।
- Symptoms बढ़ने पर doctor से संपर्क करें।
Panic नहीं, लेकिन सावधानी जरूरी
देहरादून में H1N1 के मामले फिलहाल बढ़ रहे हैं। 59 से बढ़कर संक्रमितों का आंकड़ा 67 तक पहुंच चुका है और 21 मरीजों का इलाज चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने भी स्थिति को देखते हुए screening, testing और hospital preparedness बढ़ा दी है। जहां से संक्रमण के मामले मिल रहे हैं, वहां Rapid Response Teams काम कर रही हैं।
इस स्थिति में सबसे जरूरी बात panic करने के बजाय symptoms को गंभीरता से लेना है। सामान्य सर्दी-जुकाम और H1N1 के कई शुरुआती लक्षण एक जैसे हो सकते हैं, इसलिए केवल symptoms देखकर खुद diagnosis करना सही नहीं है।
अगर तेज बुखार, लगातार खांसी या सांस लेने में परेशानी हो तो medical advice लेने में देरी नहीं करनी चाहिए। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमारी से जूझ रहे लोगों को ज्यादा सावधानी रखने की जरूरत है। हाथों की सफाई, cough etiquette और भीड़भाड़ वाली जगहों पर precautions संक्रमण का खतरा कम करने में मदद कर सकते हैं।
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FAQs:Dehradun Swine Flu Cases
1. देहरादून में Swine Flu के कितने मामले हैं?
Latest available update के अनुसार H1N1 के कुल 67 positive cases दर्ज हुए हैं।
2. अभी कितने H1N1 मरीज Active हैं?
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 21 मरीज अभी treatment में हैं।
3. नए कितने Swine Flu cases मिले हैं?
शुक्रवार को 25 samples की जांच में आठ नए H1N1 positive cases मिले।
4. H1N1 के common symptoms क्या हैं?
बुखार, खांसी, सर्दी-जुकाम, गले में परेशानी और सांस लेने में दिक्कत जैसे symptoms हो सकते हैं। केवल symptoms से diagnosis नहीं किया जाना चाहिए।
5. Swine Flu से बचने के लिए क्या करें?
हाथ साफ रखें, खांसते-छींकते समय मुंह ढकें, भीड़भाड़ में precautions लें और symptoms बढ़ने पर doctor से संपर्क करें।

