उत्तराखंड

भगवान श्री मदमहेश्वर की विग्रह देवडोली सभामंडप में विराजी

द्वितीय केदार श्री मदमहेश्वर के कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू

उखीमठ। द्वितीय केदार भगवान श्री मदमहेश्वर जी के कपाट खुलने की प्रक्रिया आज से शुरू हो गयी है। इस यात्रा वर्ष श्री मदमहेश्वर के कपाट 20 मई को शुभ मुहुर्त पूर्वाह्न  11.15  श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले जायेंगे। बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र अजय के निर्देश पर मदमहेश्वर मंदिर के कपाट खोलने तैयारियां की जा रही हैं। बीकेटीसी के सीईओ योगेंद्र सिंह ने देवडोली यात्रा का संचालन समुचित ढंग से करने के आदेश दिये हैं। कपाट खुलने की प्रक्रिया के अंतर्गत आज श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में दारनाथ धाम के रावल 1008 श्री भीमाशंकर लिंग ने  पूजा-अर्चना संपन्न की। हवन यज्ञ पश्चात उन्होंने श्री मदमहेश्वर जी की विग्रह डोली को सभा मंडप में विराजमान किया। स्थानीय डगवाड़ी गांव के लोगों तथा श्रद्धालुओं ने श्री मदमहेश्वर जी को छावडी अर्थात  नये अनाज का भोग चढ़ाया तथा न्याय के देवता श्री मदमहेश्वर जी की देवडोली पर फूलों की वर्षा की।  बीकेटीसी उपाध्यक्ष किशोर पंवार ने सभी श्रद्धालुओं को शुकामनाएं दी है। शुक्रवार को भी भगवान श्री मदमहेश्वर जी चल विग्रह उत्सव डोली शीतकालीन गद्दी स्थल ओकारेश्वर मन्दिर ऊखीमठ मंदिर सभामंडप में ही दर्शनार्थ विराजमान रहेगी। इस अवसर पर मदमहेश्वर धाम के पुजारी टी गंगाधर लिंग,देवरा प्रभारी यदुवीर पुष्पवान, डोली प्रभारी मनीश तिवारी, पुजारी बागेश लिंग, ओंकारेश्वर मंदिर प्रभारी रमेश नेगी, दीपक पंवार,दफेदार विदेश शैव, मुकुंदी पंवार,सूरज नेगी सहित  पंचगौंडारी/उनियारा/रांसी के हकहकूकधारी तीर्थपुरोहित तथा श्रद्धालुजन मौजूद रहे। कल भी पूजा- अर्चना एवं नये अनाज का भोग लगाकर सर्वकल्याण की कामना की जायेगी। बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ बताया कि 18 मई को  सुबह के समय भगवान मदमहेश्वर जी की चल विग्रह डोली तथा देव निशान शीतकालीन गद्दी स्थल श्री ओकारेश्वर मन्दिर से श्री राकेश्वरी मंदिर रांसी रात्रि विश्राम को पहुंचेगी। 19 मई को श्री राकेश्वरी मंदिर रांसी से प्रवास के लिए दूसरे पड़ाव गोंडार गांव पहुंचेगी। 20 मई सुबह श्री मदमहेश्वर जी की चल विग्रह डोली गोंडार से श्री मदमहेश्वर धाम पहुंचेगी। पूर्वाह्न शुभ लग्न में  सवा ग्यारह बजे श्री मदमहेश्वर जी के कपाट खुलेंगे।

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