Uttarakhand Road Closed News – मानसून के चलते उत्तराखंड में सड़कों की हालत बिगड़ गई है। प्रशासन के रियल टाइम सिस्टम के मुताबिक राज्य में इस समय 135 सड़कें बंद हैं। पीडब्ल्यूडी के प्रमुख अभियंता राजेश चंद्र शर्मा ने कहा कि इनमें से 104 सड़कें केदारनाथ और 31 सड़कें पीडब्ल्यूडी के अंतर्गत आती हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण जगह-जगह भूस्खलन और स्लिप हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने खासकर संवेदनशील स्थानों पर पहले से ही जेसीबी और मशीनें तैनात कर रखी हैं ताकि सड़क बंद होने पर 25-30 मिनट में रास्ता खोला जा सके। उन्होंने कहा कि हमने लोकेशन भी ऐसे आइडेंटिफाई कर रखी है कि उसको 25-30 किलोमीटर ज्यादा ना चलना पड़े, जो हमारे ऐसे पॉइंट्स हैं जहां हमेशा गिरता है वहां हमारी मशीनें ऑलरेडी स्टेशन रहती हैं। अगर कोई नई जगह स्लिप होती है तो 25-30 मिनट में हमारी सारी जेसीबीज वहां पहुंच जाती हैं।
कितनी सड़कें बंद हैं? जानिए Latest Update
प्रशासन के ताजा आंकड़ों के अनुसार राज्य में कई सड़कें अभी भी यातायात के लिए बंद हैं। सबसे अधिक असर केदारनाथ क्षेत्र में देखने को मिल रहा है।
मुख्य Highlights
- कुल 135 सड़कें बंद
- 104 सड़कें केदारनाथ क्षेत्र में प्रभावित
- 31 सड़कें PWD के अंतर्गत
- लगातार बारिश से बढ़ा भूस्खलन का खतरा
- संवेदनशील स्थानों पर मशीनें पहले से तैनात

Road Status Overview
| श्रेणी | संख्या |
|---|---|
| कुल बंद सड़कें | 135 |
| केदारनाथ क्षेत्र | 104 |
| PWD के अंतर्गत | 31 |
| राहत कार्य | लगातार जारी |
| मशीनों की उपलब्धता | संवेदनशील स्थानों पर पहले से तैनात |
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FAQs
Q1. उत्तराखंड में फिलहाल कितनी सड़कें बंद हैं?
प्रशासन के अनुसार वर्तमान में राज्य में 135 सड़कें बंद हैं।
Q2. सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र कौन-सा है?
केदारनाथ क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित है, जहां 104 सड़कें बंद हैं।
Q3. प्रशासन ने राहत कार्य के लिए क्या व्यवस्था की है?
संवेदनशील स्थानों पर पहले से जेसीबी और अन्य मशीनें तैनात की गई हैं ताकि 25–30 मिनट में सड़क खोलने का काम शुरू किया जा सके।
Q4. सड़कें बंद होने का मुख्य कारण क्या है?
लगातार भारी बारिश, भूस्खलन और पहाड़ियों से मलबा गिरने के कारण सड़कें बाधित हो रही हैं।
Q5. यात्रियों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
यात्रा से पहले मौसम और सड़कों की स्थिति की जांच करें तथा प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें।

