दिल्ली ब्लास्ट मामले में लगातार नई जानकारी सामने आ रही है। अब इस केस में शामिल मोहम्मद उमर नबी का एक नया वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में वह अंग्रेजी में बात करते हुए सुसाइड बॉम्बिंग को सही ठहराने की कोशिश करता दिख रहा है।
वीडियो में साफ दिखता है कि उमर यह समझाने की कोशिश कर रहा है कि इस्लाम में खुदकुशी हराम है, लेकिन बॉम्बिंग करना जायज है। आगे वह कहता है कि आत्मघाती हमले की सबसे बड़ी समस्या यह है कि जब कोई व्यक्ति मान लेता है कि वह एक तय समय और जगह पर मरेगा, तो वह खतरनाक मानसिक स्थिति में चला जाता है। उसको लगता है कि मौत ही उसकी मंज़िल है।
इसके बाद वह कहता है कि ऐसी सोच किसी भी लोकतांत्रिक या इंसानी समाज में स्वीकार नहीं की जा सकती, क्योंकि यह जीवन, समाज और कानून के बुनियादी नियमों के खिलाफ है।
वीडियो यहीं खत्म हो जाता है, इसलिए उसके आगे के विचार सामने नहीं आ सके। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह वीडियो उमर की मानसिकता और उसकी सोच को समझने में मदद कर सकता है।
दिल्ली ब्लास्ट की घटना
लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए धमाके में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। धमाका उस समय हुआ जब कार में बैठा एक व्यक्ति मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के बाहर खुद को उड़ा लेता है।
जांच में पता चला कि कार चलाने वाला व्यक्ति आतंकी उमर ही था। उसकी मां के डीएनए से इसकी पुष्टि हुई है। इस मामले की जांच अभी चल रही है और दिल्ली, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर से कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। यह केस फरीदाबाद में मिले 2900 किलो विस्फोटक से भी जुड़ा हुआ है।
डॉ. उमर कौन था?
डॉ. उमर पुलवामा के कोइल गांव का रहने वाला था। वह अक्सर भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल रहता था। पुलिस के अनुसार पिछले कुछ महीनों में उसका व्यवहार अचानक बदल गया था। उसने 30 अक्टूबर से फरीदाबाद के अल फलाह यूनिवर्सिटी की नौकरी छोड़ दी थी और फरीदाबाद–दिल्ली के बीच चक्कर लगाने लगा था। वह कभी-कभी रामलीला मैदान और सुनहरी मस्जिद के पास की मस्जिदों में भी रुकता था।
9 नवंबर को फरीदाबाद में पुलिस छापेमारी के बाद वह लापता हो गया था। उसी दौरान एक गोदाम से लगभग 2900 किलो विस्फोटक मिला था और उसके कुछ साथियों को गिरफ्तार किया गया था।
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