Jawaharlal Nehru Birth Anniversary : आजादी के महानायक और स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की 125वीं जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान पीएम ने कहा कि आज हम स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की 125वीं जयंती मना रहे हैं। उन्हें मेरी श्रद्धांजलि। हम स्वतंत्रता संघर्ष में उनके योगदान और स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री के रूप में उनकी भूमिका को याद करते हैं।” नेहरू जयंती के साथ ही देशभर में बाल दिवस भी मनाया जा रहा है। स्कूलों, संस्थानों और सामाजिक संगठनों द्वारा विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें बच्चों की रचनात्मक गतिविधियों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और प्रतियोगिताओं ने उत्सव को और जीवंत बनाया।
‘चाचा नेहरू’ के आदर्शों और उनकी राष्ट्रनिर्माण की सोच को किया जीवंत
नेहरू के विचारों, आधुनिक भारत के निर्माण में उनकी दूरदर्शिता और बच्चों के प्रति उनके प्रेम को याद करते हुए शिक्षकों और विद्यार्थियों ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। देशभर में आयोजित इन कार्यक्रमों ने एक बार फिर ‘चाचा नेहरू’ के आदर्शों और उनकी राष्ट्रनिर्माण की सोच को जीवंत कर दिया। हर वर्ष की तरह इस बार भी 14 नवंबर को नेहरू जयंती बाल दिवस के रूप में मनाई गई, जिसे बच्चों के प्रति उनके विशेष प्रेम और समर्पण की याद में देशभर में आयोजित किया जाता है। राज्य और केंद्र सरकारों के विभिन्न विभागों, स्कूलों तथा सामाजिक संगठनों ने कई कार्यक्रम आयोजित किए—जिनमें सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, चित्रकला प्रतियोगिताएं, रैलियां, संगोष्ठियां और बाल अधिकारों पर जागरूकता अभियान शामिल रहे।
शिक्षण संस्थानों में विशेष सभाएं और यादगार गतिविधियां आयोजित की गईं
शिक्षकों और विद्यार्थियों ने नेहरू के योगदान, विचारों और स्वतंत्र भारत के निर्माण में उनकी भूमिका को याद किया। कई स्थानों पर बच्चों ने ‘चाचा नेहरू’ की वेशभूषा में कार्यक्रमों में हिस्सा लिया, जबकि शिक्षण संस्थानों में विशेष सभाएं और यादगार गतिविधियां आयोजित की गईं। इस मौके पर बच्चों की प्रतिभा, रचनात्मकता और शिक्षा के महत्व पर भी विशेष जोर दिया गया। देशभर में आयोजित इन कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों को नेहरू के आदर्शों से जोड़ते हुए बेहतर भविष्य की दिशा में प्रेरित करना रहा। बाल दिवस पर उत्साह, रंगारंग प्रस्तुतियों और बच्चे-शिक्षक के मधुर संवादों ने वातावरण को उल्लासपूर्ण बना दिया।
सिमरन बिंजोला

