JP Nadda: बिहार की राजनीति इस वक्त एक बार फिर सुर्खियों में है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का शनिवार को पटना दौरा काफी अहम माना जा रहा था।
उन्होंने यहां पार्टी की कोर कमेटी की बैठक की अध्यक्षता की और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति पर चर्चा की।
हालांकि इस पूरे दौरे के दौरान सभी की नज़रें उनकी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात पर टिकी थीं, जो नहीं हो सकी।
सूत्रों के मुताबिक, नीतीश कुमार की तबीयत ठीक न होने के कारण मुलाकात टल गई।
नीतीश कुमार की तबीयत बनी वजह
जेडीयू के सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बीते कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे हैं। यही कारण है कि 10 सितंबर के बाद से उन्होंने किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया।
पार्टी नेताओं ने स्पष्ट किया कि डॉक्टरों की सलाह पर वे आराम कर रहे हैं और बाहरी मुलाकातों से परहेज कर रहे हैं।
इसी वजह से जेपी नड्डा और नीतीश कुमार की शिष्टाचार भेंट नहीं हो पाई। नड्डा पटना से दिल्ली रवाना हो गए, लेकिन इस गैर-मुलाकात ने सियासी गलियारों में हलचल जरूर मचा दी।
भाजपा का फोकस चुनावी तैयारी पर
शनिवार को पटना में हुई भाजपा की कोर कमेटी की बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर लंबी रणनीति पर चर्चा हुई।
बैठक में संगठन महासचिव बीएल संतोष, प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि बैठक का मुख्य फोकस था –
- एनडीए गठबंधन को मजबूत बनाना
- हर मतदाता तक पहुंचना
- ग्राउंड लेवल पर संगठन की पकड़ बढ़ाना
जेपी नड्डा ने नेताओं से कहा कि बिहार की जनता तक भाजपा की योजनाएँ और केंद्र सरकार की उपलब्धियाँ पहुंचानी होंगी।
विपक्ष का हमला
विपक्षी दलों ने इस पूरे घटनाक्रम को अलग रंग देने की कोशिश की।
- राजद नेताओं का कहना है कि भाजपा और जेडीयू का रिश्ता अब अविश्वसनीय हो चुका है।
- कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा बिहार में अपने दम पर राजनीति जमाना चाहती है और नीतीश कुमार को सिर्फ चुनावी गणित में इस्तेमाल करना चाहती है।
- सोशल मीडिया पर भी विपक्षी खेमे के समर्थकों ने टिप्पणी की कि नीतीश का स्वास्थ्य सिर्फ़ एक बहाना है और असल में वे भाजपा से दूरी बनाए हुए हैं।
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